नीरव मोदी को झटका, बैंक ऑफ इंडिया को चुकाने होंगे ₹96 करोड़
नई दिल्ली । डेस्क: लंदन के हाई कोर्ट ने भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाते हुए उन्हें बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) को 1.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 96 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान करने का आदेश दिया है. अदालत ने माना कि नीरव मोदी दुबई की कंपनी 'फायरस्टार डायमंड एफजेडई' को दिए गए कर्ज के पर्सनल लोन गारंटी मामले में पूरी तरह उत्तरदायी हैं और इस राशि में लगातार बढ़ रहा ब्याज भी शामिल है.
लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट के जस्टिस साइमन टिंकलर ने अपने फैसले में कहा कि नीरव मोदी को अक्टूबर 2025 में भेजा गया डिमांड नोटिस पूरी तरह वैध था और भारतीय कानून के तहत उनकी पर्सनल गारंटी को अमान्य या अप्रवर्तनीय नहीं माना जा सकता.
वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 2 अरब डॉलर के बड़े घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लंदन की जेल में बंद 55 वर्षीय नीरव मोदी ने इस लोन गारंटी की वैधता को चुनौती दी थी.
हालांकि, ब्रिटिश अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को 41,05,189.34 डॉलर की मूल राशि और मार्च 2026 तक संचित हुए ब्याज सहित कुल रकम चुकाने का आदेश दिया है, जिस पर आगे भी ब्याज जुड़ता रहेगा.
बैंक ऑफ इंडिया की पैरवी कर रहे वकीलों ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पूरी तरह से एक कमर्शियल बैंकिंग रिकवरी का है, जिसका पीएनबी के मुख्य धोखाधड़ी मामले से सीधा संबंध नहीं है.
नीरव मोदी ने जेल प्रशासन की दिक्कतों और मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देकर इस मामले में ढील मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सभी पक्षों को देखने के बाद बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया.
गौरतलब है कि नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं, जिसके खिलाफ उनकी लगभग सभी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं और अब वे प्रत्यर्पण से बचने के लिए यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECtHR) का दरवाजा खटखटा रहे हैं.