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जम्मू-कश्मीर के कटरा में प्याज और लहसुन से रहित है हर व्यंजन

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06 सित. 2025, 08:17 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

कटरा रेलवे स्टेशन
कटरा रेलवे स्टेशन

नई दिल्ली । डेस्क: भारत में खान-पान की आदतें राज्य-दर-राज्य व्यापक रूप से बदलती हैं. यह देश की सांस्कृतिक विविधता, भौगोलिक स्थिति, जलवायु और स्थानीय, क्षेत्रीय व मौसमी खाद्य सामग्री की उपलब्धता को दर्शाता है. कुछ लोग शाकाहारी हैं, तो कुछ मांसाहारी. कुछ लोग प्याज और लहसुन भी नहीं खाते. लेकिन एक ऐसी जगह की कल्पना करें जहां प्याज का नामोनिशान तक न हो. हम बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के कटरा शहर की, जो भारत का एकमात्र ऐसा शहर है जहां प्याज और लहसुन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं.


कटरा, जो माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा का प्रवेश द्वार है, एक अनोखा शहर है. यहां न तो प्याज की खेती होती है, न ही इसे बेचा जाता है और न ही किसी व्यंजन में इसका उपयोग होता है. होटल, ढाबे और रेस्तरां में प्याज या लहसुन से बने किसी भी व्यंजन को परोसा नहीं जाता. यह सब धार्मिक विश्वास और भक्ति के कठोर पालन के कारण है, जो इस शहर को आस्था और अनुशासन के मामले में अन्य शहरों से अलग बनाता है.

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क्यों है कटरा में प्याज पर प्रतिबंध?


हिंदू शास्त्रों में प्याज और लहसुन को तामसिक भोजन माना जाता है, जो आलस्य, क्रोध और मन-शरीर पर नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने वाला माना जाता है. इस कारण प्रार्थना, उपवास या धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान इनका सेवन वर्जित है. कटरा, माता वैष्णो देवी मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार होने के नाते, एक सात्त्विक (शुद्ध और आध्यात्मिक) वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. यही कारण है कि यहां प्याज और लहसुन का उपयोग पूरी तरह से निषिद्ध है. यह परंपरा आज भी कायम है.


बिना प्याज के स्वादिष्ट भोजन


कटरा में सब्जी बाजारों या किराने की दुकानों पर प्याज नहीं मिलता. होटल और रेस्तरां के मेन्यू में भी प्याज या लहसुन से बने व्यंजन नहीं होते. फिर भी, यहां का भोजन सात्त्विक, ताजा, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है. दाल, सब्जियां, सलाद और चटनी जैसे व्यंजन बिना प्याज और लहसुन के भी स्वाद में कोई कमी नहीं छोड़ते. भक्त इस भोजन को बहुत पसंद करते हैं.


माता वैष्णो देवी का प्रवेश द्वार


कटरा न केवल माता वैष्णो देवी मंदिर का प्रवेश द्वार है, बल्कि यह आस्था और अनुशासन का प्रतीक भी है. लगभग 14 किलोमीटर की पहाड़ी चढ़ाई के साथ यह तीर्थस्थल भक्तों के लिए पवित्रता का केंद्र है. इस पवित्रता को बनाए रखने के लिए, यहां के सभी व्यंजनों में प्याज और लहसुन को पूरी तरह से हटा दिया गया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP