क्या छत्तीसगढ़ में बारिश साल के अंत तक बनी रहेगी?
नई दिल्ली । डेस्क: भारत का मानसून 2025 में सामान्य से अधिक समय तक सक्रिय रह सकता है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र और मजबूत नकारात्मक भारतीय महासागर डायपोल के कारण मध्य और प्रायद्वीपीय भारत, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात और पूर्वी राजस्थान में सितंबर के अंत तक भारी बारिश की संभावना है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी में देरी हो रही है, और मध्य भारत में बारिश के नए दौर शुरू हो रहे हैं.
दो प्रमुख समुद्री कारक इस लंबे समय तक चलने वाली बारिश के लिए जिम्मेदार हैं. पहला, ENSO (एल नीनो-सदर्न ऑसिलेशन) वर्तमान में तटस्थ है, जो मानसून को दबाने के बजाय इसे सक्रिय रखने में मदद कर रहा है. दूसरा, नकारात्मक भारतीय महासागर डायपोल, जो पिछले कई हफ्तों से नकारात्मक स्तर पर बना हुआ है, बंगाल की खाड़ी में संवहन को बढ़ा रहा है. इससे निम्न दबाव के क्षेत्र बन रहे हैं, जो सितंबर और अक्टूबर की शुरुआत में मध्य भारत और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश ला रहे हैं.
क्षेत्रीय दृष्टिकोण
*मध्य भारत (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात): सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी से आने वाले सिस्टम के कारण भारी बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़ में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था को तैयार रखना जरूरी है.
*पूर्व और पूर्वी तट (ओडिशा, तटीय आंध्र, पश्चिम बंगाल): अक्टूबर में भारी बारिश और कभी-कभी चक्रवाती तूफान की संभावना है.
*दक्षिण प्रायद्वीप (तमिलनाडु, पुडुचेरी, दक्षिण आंध्र, केरल): अक्टूबर से दिसंबर तक पूर्वोत्तर मानसून के कारण लगातार बारिश होगी, जिसमें तीव्र बारिश की घटनाएं भी शामिल हो सकती हैं.
*उत्तर-पश्चिम (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, कच्छ): मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, और अक्टूबर तक लंबे समय तक शुष्क मौसम की उम्मीद है.
*उत्तर-पूर्व: अक्टूबर तक बारिश बार-बार हो सकती है, और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव रुकने पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
भविष्य की तैयारी
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के शहरों को अक्टूबर की शुरुआत तक जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना चाहिए और बाढ़ से निपटने की योजना तैयार करनी चाहिए. किसानों को धान की फसल कटाई में देरी करनी पड़ सकती है. तमिलनाडु और आसपास के राज्यों में अक्टूबर-नवंबर में चक्रवात सुरक्षा उपायों और जल प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा जरूरी है. उत्तर-पश्चिम भारत में रबी की फसल के लिए मिट्टी की नमी का प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा.
2025 का मानसून धीरे-धीरे वापस हो रहा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और नकारात्मक भारतीय महासागर डायपोल के कारण छत्तीसगढ़ सहित मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में बारिश साल के अंत तक जारी रह सकती है.