पटना में 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प' सभा में 10-सूत्रीय प्रस्ताव जारी
पटना । डेस्क: भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (INDIA) ने बुधवार को बिहार में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव जारी किया है. जिसमें सत्ता में आने पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की तर्ज पर अति पिछड़ा वर्ग के लिए अत्याचार के खिलाफ सुरक्षा कानून लाने का वादा शामिल है.
यह घोषणा पटना में आयोजित 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प' सभा में की गई, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश साहनी मौजूद थे.
राहुल गांधी ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि यदि INDIA गठबंधन बिहार में सत्ता में आता है, तो सभी दस बिंदुओं को लागू किया जाएगा. प्रस्ताव में पंचायत और नगर निकायों में अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण को 20% से बढ़ाकर 30% करने, कुल आरक्षण सीमा को 50% तक बढ़ाने, भूमिहीन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग परिवारों को जमीन देने, निजी संस्थानों में प्रवेश के लिए संविधान के अनुच्छेद 15(5) को लागू करने, और 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में SC, ST, OBC और अति पिछड़ा वर्ग के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित करने जैसे वादे शामिल हैं.
इसके अलावा, आरक्षण की निगरानी के लिए एक उच्च-स्तरीय नियामक प्राधिकरण स्थापित करने का भी प्रस्ताव है.
राहुल गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, "नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से सत्ता में हैं. वे प्रस्तावित कानून ला सकते थे और हम जो वादे कर रहे हैं, वह सब कर सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वे अति पिछड़ा वर्ग और अन्य वंचित जातियों को उपयोग और त्याग की वस्तु मानते हैं."
इस सभा से पहले, कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की विस्तारित बैठक हुई, जिसमें दो प्रस्ताव पारित किए गए. इनमें विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया में मतदाता सूची की खामियों, कथित "वोट चोरी", और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित रूप से विफल होने और भारत को "कूटनीतिक रूप से अलग-थलग" करने की बात शामिल थी.
CWC ने यह भी उल्लेख किया कि किसानों को कर्ज, प्राकृतिक आपदाओं, उर्वरक की कमी और कृषि सामग्री की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं.
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि CWC ने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' के लिए नेताओं की सराहना की, जिसने "वोट चोरी" के मुद्दे को उजागर किया. उन्होंने 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक पांच करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए एक विशाल हस्ताक्षर अभियान की घोषणा की, जिसमें भारत के निर्वाचन आयोग से पांच सवाल पूछे जाएंगे.
इसके अलावा, CWC ने असम के सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले सप्ताह सिंगापुर में एक दुर्घटना में निधन हो गया. बैठक में 'संगठन सृजन अभियान' (SSA) की समीक्षा भी की गई, जिसके तहत जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को पार्टी में सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा.
कांग्रेस संचार प्रमुख जयराम रमेश ने राजनीतिक प्रस्ताव पर विस्तार से बताया, जिसमें "वोट चोरी" और मोदी सरकार की "कूटनीतिक विफलताओं" पर ध्यान केंद्रित किया गया. प्रस्ताव में गाजा में "निर्दोष नागरिकों के नरसंहार" पर चिंता व्यक्त की गई और बीजेपी-आरएसएस के संविधान और गणतंत्र पर "लगातार हमलों" की निंदा की गई.
कन्हैया कुमार ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, आरक्षण और सामाजिक न्याय, और कल्याणकारी लाभों की निष्पक्ष डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रखने का वादा करती है."