हरियाणा: IPS अफसर की सुसाइड नोट में DGP और SSP पर गंभीर इल्जाम
हरियाणा: IPS अफसर की सुसाइड नोट से DGP और SSP पर गंभीर इल्जाम
नई दिल्ली । डेस्क: हरियाणा पुलिस महकमे में एक वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की रहस्यमयी आत्महत्या ने सनसनी फैला दी है. चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने घर में मंगलवार को गोली मारकर उन्होंने खुदकुशी कर ली, और उनके पीछे छोड़े आठ पेज के सुसाइड नोट ने कई बड़े नामों को घेर लिया है.
नोट में दस वरिष्ठ और रिटायर्ड पुलिसकर्मियों पर जाति आधारित भेदभाव, लगातार मानसिक यातनाएं, सार्वजनिक बेइज्जती और जुल्म के गंभीर आरोप हैं. इनमें राज्य के पुलिस प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक के एसएसपी नरेंद्र बिजारनिया का नाम प्रमुखता से उभर रहा है.
पुलिस प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर का सफर भी अब सवालों के घेरे में है. 16 अगस्त 2023 को उन्होंने हरियाणा DGP का पद संभाला था. NIT कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले इस अधिकारी ने पहले एंटी-करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक की जिम्मेदारी निभाई, साथ ही CBI में कई संवेदनशाली केसों की तफ्तीश की.
राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी सक्रियता रही, लेकिन अब अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले पूरन कुमार ने नोट में दावा किया कि कपूर समेत कुछ अफसरों ने दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के बहाने उन्हें बदनाम किया और उनकी इज्जत को ठेस पहुंचाई.
मृतक की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने इस दर्दनाक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में उन्होंने कपूर और बिजारनिया पर पति को सुसाइड के लिए भड़काने का इल्जाम लगाया. अमनीत ने मांग की कि इनके खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण कानून के तहत मुकदमा चले, और इन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
उनका कहना है कि ये ताकतवर पदों पर होने से जांच में हस्तक्षेप कर सकते हैं, सबूत मिटा सकते हैं या गवाहों को डरा सकते हैं. उन्होंने सुसाइड नोट को "एक टूटे मन की चीख" बताते हुए कहा, "यह सिर्फ मेरे पति की कहानी नहीं, बल्कि हर सच्चे अफसर के सम्मान की लड़ाई है. इन्होंने सिस्टम के दुरुपयोग से उन्हें तोड़ दिया."
सरकार की ओर से भी हलचल तेज है. सूत्र बताते हैं कि CM सैनी ने गुरुवार को DGP कपूर से बंद कमरे में बात की. अंदरूनी चर्चाओं में कपूर और बिजारनिया को अवकाश पर भेजने की योजना बन रही है, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. वरिष्ठ IPS ओ.पी. सिंह को अस्थायी DGP बनाने की बात भी जोर पकड़ रही है.
इसी बीच, हरियाणा सिविल सेवा एसोसिएशन ने सरकार को चिट्ठी लिखकर सख्ती बरतने की गुजारिश की. उन्होंने कहा कि FIR बिना देरी के दर्ज हो, नए क्रिमिनल कानूनों से पारदर्शी तहकीकात हो, और आरोपी अफसरों को तत्काल पद से हटा दिया जाए वरना जूनियर स्टाफ पर दबाव का खतरा रहेगा.
फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर FIR दर्ज कर जांच में जुट गई है. पूरन कुमार के नोट में पिछले कुछ सालों के कथित उत्पीड़न की पूरी कथा बयां की गई है, जो अब पूरे पुलिस सर्कल में बहस का विषय बनी हुई है.