स्तनधारी मादाओं की लंबी आयु का राज़ सेक्स क्रोमोज़ोम में: नया शोध
नई दिल्ली । डेस्क: हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में यह दावा किया गया है कि स्तनधारी (mammals) प्रजातियों में मादाएं, पुरुषों की तुलना में अधिक लंबी उम्र जीती हैं. वैज्ञानिकों ने पाया है कि अधिकांश वयस्क स्तनधारी मादाएं, वयस्क पुरुषों की तुलना में औसतन 12 प्रतिशत अधिक जीवित रहती हैं. हालांकि, पक्षियों के मामले में यह प्रवृत्ति उलट जाती है, जहाँ नर पक्षी मादाओं की तुलना में लगभग पाँच प्रतिशत अधिक जीते हैं.
जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, हंगरी और बेल्जियम के प्राणी विशेषज्ञों ने मिलकर स्तनधारियों की 528 और पक्षियों की 648 प्रजातियों के जीवन और यौन व्यवहार का व्यापक अवलोकन किया. यह अध्ययन 'साइंस एडवांसेज' (Science Advances) नामक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
लंबी आयु के दो मुख्य सिद्धांत
मादाओं और पुरुषों की आयु के इस अंतर को समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने दो प्रमुख सिद्धांत सामने रखे हैं:
हेटरोगैमैटिक सेक्स हाइपोथीसिस (Heterogametic Sex Hypothesis):
स्तनधारियों में, मादाओं के शरीर में दो एक्स (XX) क्रोमोज़ोम होते हैं, जबकि पुरुषों में एक एक्स (X) और एक वाई (Y) क्रोमोज़ोम होता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि किसी एक्स क्रोमोज़ोम में उत्परिवर्तन (mutation) होता है, तो मादाओं के पास दूसरा एक्स क्रोमोज़ोम होने के कारण एक प्रकार का 'सुरक्षा कवच' मिल जाता है, जो उन्हें लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करता है. पुरुषों में यह बैकअप (backup) सुविधा नहीं होती है.
पक्षियों में, यह पैटर्न उल्टा होता है: नर में दो जेड (ZZ) क्रोमोज़ोम होते हैं, जबकि मादा में एक जेड और एक डब्ल्यू (ZW) क्रोमोज़ोम होता है. इसी वजह से पक्षियों में नर की आयु मादा से अधिक होती है.
सेक्सुअल सलेक्शन हाइपोथीसिस (Sexual Selection Hypothesis)
यह सिद्धांत बताता है कि स्तनधारी पुरुष स्वभाव से अधिक आक्रामक होते हैं. वे अक्सर मादाओं को आकर्षित करने के लिए या प्रभुत्व स्थापित करने के लिए आपस में लड़ते हैं.
इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, संघर्ष और ऊर्जा खर्च के कारण उनकी शक्ति का क्षय होता है और परिणामस्वरूप उनकी आयु कम हो जाती है.
मनुष्यों पर भी लागू होता है यह निष्कर्ष
यह शोध मनुष्यों पर भी समान रूप से लागू होता है, जहाँ महिलाओं की आयु पुरुषों से अधिक होती है. इसके पीछे एक्स क्रोमोज़ोम की भूमिका को एक मुख्य कारण माना जाता है. इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिकों का कहना है कि पुरुषों में धूम्रपान और मद्यपान की अधिकता भी उनकी कम आयु का एक कारण है.
फ्रांस की जीन कैल्मेंट, जो 122 साल (1875 से 1997) तक जीवित रहीं, वह अब तक सबसे लंबी आयु जीने वाली व्यक्ति हैं. पुरुषों में सबसे लंबी आयु का रिकॉर्ड जिरोमेन किमूरा के नाम है, जो 116 साल (1897 से 2013) तक जीवित रहे.