गांधी ने RSS को बताया था 'सांप्रदायिक संगठन, अधिनायकवादी नजरिया'- Cong
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस ने गुरुवार 2 अक्टूबर, 2025 को एक किताब के अंशों का हवाला देकर दावा किया कि महात्मा गांधी ने संघ को "सांप्रदायिक संगठन जो अधिनायकवादी नजरिया रखता है" करार दिया था.
एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्यारेलाल गांधी के करीबी सहयोगी थे, जो 1942 में महादेव देसाई की मृत्यु के बाद उनके सचिव बने.
प्यारेलाल की किताबें गांधी पर मानक संदर्भ हैं. 1956 में प्रकाशित "महात्मा गांधी: द लास्ट फेज" के दूसरे खंड के पेज 440 पर 12 सितंबर 1947 की बातचीत का जिक्र है, जिसमें गांधी ने आरएसएस को इस तरह वर्णित किया.
रमेश ने किताब के स्क्रीनशॉट भी साझा किया. उन्होंने याद दिलाया कि पांच महीने बाद सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था.
बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने आरएसएस की राष्ट्र-निर्माण भूमिका की सराहना की थी, जिसके जवाब में कांग्रेस ने पटेल के 1948 के पत्र का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि आरएसएस की गतिविधियों ने गांधी हत्या का माहौल बनाया. पटेल ने जयपुर में भी आरएसएस पर कड़ा रुख अपनाया था.