योगी आदित्यनाथ ने शरणार्थियों को सौंपे भूमि के अधिकार
लखनऊ । डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन 1,031 परिवारों को भूमि के पट्टे वितरित किए, जो 1947 और 1971 के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर भारत आए थे.
इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि 'मियांपुर' कॉलोनी का नाम बदलकर रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान में 'रवींद्र नगर' किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और विभाजन के पीड़ितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के माध्यम से इन परिवारों को सम्मान और संपत्ति का अधिकार दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कुल 542 हेक्टेयर भूमि इन परिवारों को सौंपी और बताया कि तराई क्षेत्रों में रहने वाले सभी 6,500 विस्थापित परिवारों को जल्द ही मालिकाना हक मिलेगा.
इसके साथ ही, उन्होंने मेवाड़ से आए थारू जनजाति के 4,356 परिवारों को भी जमीन के पट्टे आवंटित किए और लखीमपुर खीरी का नाम बदलकर प्राचीन 'लक्ष्मीपुर' करने का संकेत भी दिया.
यह कार्यक्रम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उनके प्रचार अभियान की शुरुआत से ठीक पहले आयोजित किया गया, जहाँ उन्होंने राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.