क्या वाकई अमेरिका में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के साथ हुए नए ऊर्जा समझौते को "विश्व इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील" करार देते हुए दावा किया है कि इससे अमेरिकी ड्राइवरों को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से बड़ी राहत मिलेगी. आगामी मिडटर्म चुनावों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के अरबों बैरल तेल पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिससे भविष्य में ईंधन बेहद सस्ता हो जाएगा. हालांकि, ऊर्जा विशेषज्ञों और बाजार के आंकड़ों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के इन बड़े दावों और धरातल की हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर है.
वेनेजुएला का घटता उत्पादन और ढहता बुनियादी ढांचा
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा 303 अरब बैरल का प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन उसका तेल उद्योग इस समय बेहद जर्जर स्थिति में है. दशकों के कुप्रबंधन, कम निवेश, कुशल जनशक्ति की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वर्तमान में वेनेजुएला केवल 1.25 मिलियन बैरल प्रति दिन उत्पादन कर पा रहा है.
यद्यपि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस 25-वर्षीय समझौते के तहत उत्पादन को 1.5 मिलियन बैरल तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन रोजाना 100 मिलियन बैरल से अधिक की खपत करने वाले वैश्विक बाजार के लिए यह बढ़ोतरी बेहद मामूली है. बुनियादी ढांचे की खस्ताहाली, पुराने पाइपलाइन और चरमराती बिजली आपूर्ति के चलते रातों-रात उत्पादन बढ़ाना लगभग असंभव है.
गाढ़े क्रूड को रिफाइन करने और निर्यात की चुनौतियां
वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट का क्रूड तेल बेहद गाढ़ा है, जिसकी चिपचिपाहट की तुलना डामर से की जाती है. इसे निकालने और पाइपलाइनों के जरिए परिवहन योग्य बनाने के लिए विशेष तकनीक और हल्के हाइड्रोकार्बन की आवश्यकता होती है. इसके अलावा, देश के बंदरगाहों और पुराने टर्मिनलों पर टैंकरों को लदान के लिए 30 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है.
अमेरिकी गल्फ कोस्ट की रिफाइनरियों के साथ-साथ भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल और एचपीसीएल जैसी कंपनियां इस भारी क्रूड को प्रोसेस करने में सक्षम हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कम से कम 100 अरब डॉलर के भारी निवेश की आवश्यकता होगी. मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता के बीच एक्सॉनमोबिल जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने फिलहाल वेनेजुएला में निवेश करने से परहेज किया है.
ईरान युद्ध और वैश्विक संकट का असर
चुनावों से पहले गैस की कीमतों में बड़ी गिरावट की राह में सबसे बड़ी रुकावट ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष है. इस युद्ध के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारे, होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला जलमार्ग परिवहन 90 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है. जब वैश्विक बाजार में खाड़ी देशों से आने वाले लाखों बैरल तेल की किल्लत बनी हुई है, तब वेनेजुएला से मिलने वाला अतिरिक्त तेल इस कमी की भरपाई करने में नाकाफी साबित होगा.
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 50 सेंट की गिरावट लाने के लिए कच्चे तेल के दामों में 20 डॉलर प्रति बैरल की कमी आनी चाहिए, जो मौजूदा हालातों में जल्द संभव नहीं दिखता. ऐसे में वेनेजुएला डील का अल्पकालिक असर केवल कुछ सेंट्स तक ही सीमित रहने की उम्मीद है.