कौन बनेगा फीफा अध्यक्ष: संकट में जियानी इन्फेंटिनो की कुर्सी
नई दिल्ली । डेस्क: फीफा द्वारा अपने प्रमुख टूर्नामेंटों के शेयर निजी निवेशकों को बेचने के विवादित प्रस्ताव को वापस लेने के बाद विश्व कप का भविष्य भले ही सुरक्षित नजर आ रहा हो, लेकिन संस्था के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के लिए राह आसान नहीं दिख रही है. फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई) योजना को लेकर हुए व्यापक विरोध के बाद अब इन्फेंटिनो के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. वरिष्ठ सलाहकार कार्लोस कॉर्डेइरो के इस्तीफे, अधिकारियों द्वारा धोखा देने के आरोपों और यूईएफए द्वारा अविश्वास जताए जाने के बाद मार्च में होने वाले फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव बेहद दिलचस्प हो गए हैं. कुछ ही दिनों पहले तक जो चुनाव एकतरफा माना जा रहा था, अब उसमें इन्फेंटिनो को चुनौती देने के लिए कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं.
पेरिस सेंट-जर्मेन के अध्यक्ष नासिर अल-खेलाफी
इन्फेंटिनो को चुनौती देने की रेस में सबसे पहला और मजबूत नाम पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के अध्यक्ष नासिर अल-खेलाफी का उभरकर सामने आया है. कतर के 52 वर्षीय व्यवसायी और पूर्व पेशेवर टेनिस खिलाड़ी अल-खेलाफी खेल जगत की एक बेहद प्रभावशाली शख्सियत हैं. वह बीइन मीडिया ग्रुप के चेयरमैन होने के साथ-साथ यूरोपीय फुटबॉल क्लबों की संस्था और फीफा काउंसिल के सदस्य भी हैं. उनके मार्गदर्शन में पीएसजी ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए यूरोपीय फुटबॉल में अपनी धाक जमाई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर उनका कद काफी बढ़ा है.
कॉनकाकैफ के अध्यक्ष विक्टर मोंटाग्लियानी
फीफा के उपाध्यक्ष पद पर काबिज विक्टर मोंटाग्लियानी भी अध्यक्ष पद की रेस में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं. कनाडा के 60 वर्षीय मोंटाग्लियानी 2016 से कॉनकाकैफ के अध्यक्ष हैं और 2026 विश्व कप के संयुक्त आयोजन में उनकी केंद्रीय भूमिका रही है. हालांकि, कॉनकाकैफ के 41 सदस्य देशों ने फीफा के एफएफई प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन उन्होंने यूईएफए के बहिष्कार के फैसले से दूरी बनाए रखी. इसके बावजूद, खेल गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि मोंटाग्लियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ सीधी चुनौती पेश करने की तैयारी कर रहे हैं.
एशियाई फुटबॉल परिसंघ के प्रमुख शेख सलमान
एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा फीफा के एफएफई प्लान के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे हैं. बहरीन के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले 60 वर्षीय शेख सलमान ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया था. 2016 के फीफा चुनाव में इन्फेंटिनो से मात खाने वाले शेख सलमान के पास 2013 से एएफसी की कमान संभालने का व्यापक प्रशासनिक अनुभव है. 18 नवंबर की नामांकन समय-सीमा को देखते हुए माना जा रहा है कि वह एक बार फिर शीर्ष पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक सकते हैं.
यूईएफए प्रमुख अलेक्जेंडर सेफेरिन
फीफा के सबसे बड़े और अमीर परिसंघ यूईएफए के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सेफेरिन के पास 211 सदस्य देशों के बीच भारी राजनीतिक प्रभाव है. सेफेरिन के नेतृत्व में यूईएफए के 55 देशों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव के खिलाफ फीफा आयोजनों के बहिष्कार का वोट दिया था. स्लोवेनिया के वकील सेफेरिन 2016 से यूईएफए के प्रमुख हैं. यूईएफए ने साफ किया है कि फुटबॉल की आत्मा को निजी हाथों में नहीं सौंपा जा सकता. हालांकि, सेफेरिन ने व्यक्तिगत रूप से कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन इन्फेंटिनो में "विश्वास खोने" के यूईएफए के आधिकारिक बयान ने इन्फेंटिनो विरोधी खेमे को काफी मजबूती दी है.
अफ्रीकी फुटबॉल के अध्यक्ष पैट्रिस मोत्सेपे
इस रेस में अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) के प्रमुख पैट्रिस मोत्सेपे का नाम एक संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है. दक्षिण अफ्रीका के 64 वर्षीय अरबपति व्यवसायी मोत्सेपे 2021 से सीएएफ की कमान संभाल रहे हैं. हालांकि, अफ्रीकी फुटबॉल का हालिया समय काफी विवादों से भरा रहा है, खासकर 2025 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल मुकाबले में हुए विवाद के बाद, जिसका मामला अब खेल मध्यस्थता अदालत (सीएएस) में लंबित है. प्रशासनिक चुनौतियों और आंतरिक विवादों के बावजूद मोत्सेपे फीफा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकते हैं.