जब गरीब मरते हैं तो प्रधानमंत्री मौन रहते हैं- राहुल का आरोप
इंदौर । डेस्क: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत और 1,400 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की 'डबल इंजन' सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य को 'कुशासन का केंद्र' करार दिया.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में पानी नहीं बल्कि जहर बांटा गया और जब गरीब मरते हैं, तो प्रधानमंत्री मौन रहते हैं.
यह विवाद तब और गहरा गया जब राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस त्रासदी पर सवाल पूछे जाने पर एक टीवी पत्रकार के लिए कथित तौर पर 'घंटा' जैसे आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे राहुल गांधी ने भाजपा का अहंकार बताया.
स्थानीय स्तर पर स्थिति बेहद गंभीर है; जहां प्रशासन 10 मौतों की पुष्टि कर रहा है, वहीं स्थानीय निवासियों का दावा है कि एक छह महीने के मासूम सहित 14 लोगों की जान जा चुकी है.
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा इलाके में पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण सीवरेज का पानी मिल गया था, जिसके ऊपर एक शौचालय बना हुआ था.
राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर सरकार से जवाबदेही मांगी है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समय रहते आपूर्ति क्यों नहीं रोकी गई.