हम 'बैकसीट ड्राइविंग' नहीं करते, सरकार चलाने वाले ही सरकार चलाते हैं: RSS
मुंबई । डेस्क: मुंबई में 'संघ यात्रा के 100 वर्ष' के उपलक्ष्य में आयोजित व्याख्यानमाला के दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि संघ केंद्र सरकार को नियंत्रित करता है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संघ किसी भी तरह की 'बैकसीट ड्राइविंग' में विश्वास नहीं रखता.
भागवत ने जोर देकर कहा कि देश का शासन वही लोग चला रहे हैं जो सत्ता में हैं, न कि संघ. उन्होंने राष्ट्र सेवा के प्रति संघ की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संगठन सरकारी प्रयासों में सहयोग के लिए हमेशा तैयार है.
अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने अपने सेवाकाल और सेवानिवृत्ति पर भी चर्चा की. उन्होंने खुलासा किया कि 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन स्वयंसेवकों के आग्रह पर वे अपना दायित्व निभा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि संघ का कार्य जीवनभर चलता रहता है और उनके लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण संगठन का विकल्प है.
इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए दुनिया भर के हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया.
इससे पूर्व, भागवत ने भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 1947 के विभाजन के बाद जहां पाकिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र बन गया, वहीं भारत हिंदुओं की प्रकृति के कारण ही एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश बना रहा. उन्होंने तर्क दिया कि भारत का संविधान यहां की हिंदू मानसिकता का ही परिणाम है, जिसने सभी को साथ लेकर चलने का रास्ता चुना.