डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी के बीच जुबानी जंग तेज
नई दिल्ली । डेस्क: जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच एक तस्वीर खिंचवाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दोनों देशों के बीच एक बड़े राजनयिक तनाव में बदल गया है. ट्रंप के लगातार हमलों के बाद अब इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी लोकप्रियता पर ध्यान देने की नसीहत दे डाली है.
ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी इटली में अपनी घटती लोकप्रियता को दोबारा पाने के लिए उनके साथ फोटो खिंचवाने की जिद कर रही थीं, जिसके बाद उन्होंने मजबूरी में उनके साथ तस्वीर खिंचाई. मेलोनी ने ट्रंप के इन बयानों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और 'बिना उकसावे का हमला' करार दिया है.
मेलोनी ने सोशल मीडिया पर ट्रंप को सीधे आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि इस लगातार हो रहे हमले का कोई आधार नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दोस्त होने से उनकी लोकप्रियता पर कोई फर्क नहीं पड़ता और न ही वह किसी के सामने कुछ मांगती हैं.
मेलोनी ने कहा कि उनकी लोकप्रियता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इटली के राष्ट्रीय हितों की कितनी रक्षा कर पाती हैं, जो वह हमेशा से करती आई हैं.
इस विवाद की जड़ें केवल एक तस्वीर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक मतभेद भी हैं. ईरान के साथ अमेरिका के तनाव के दौरान ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए यूरोप से सैन्य मदद और इटली में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी.
नाटो का सदस्य होने के बावजूद मेलोनी ने इसके लिए साफ इनकार कर दिया था, जिससे ट्रंप नाराज चल रहे थे. मेलोनी ने इस पर रुख साफ करते हुए कहा कि इटली के सैन्य ठिकानों पर लिया गया फैसला देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिया गया था.
उन्होंने कहा कि इटली एक संप्रभु देश है और हमेशा रहेगा, इसलिए ट्रंप को इटली की फिक्र छोड़कर खुद की लोकप्रियता पर ध्यान देना चाहिए.
ट्रंप ने इटली के एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में कहा था कि वह मेलोनी के साथ बात नहीं करना चाहते थे, लेकिन उनके बार-बार कहने पर उन्हें तरस आ गया और उन्होंने फोटो खिंचवा ली. इसके जवाब में मेलोनी ने हैरानी जताते हुए कहा कि वह समझ नहीं पा रहीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दोस्तों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं.
उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि ट्रंप ऐसा कड़ा रुख पश्चिमी देशों के दुश्मनों के सामने नहीं दिखा पाते, वहां वह काफी नरम नजर आते हैं.
इस वाकयुद्ध का असर अब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी दिखने लगा है. विवाद के बढ़ने के बाद इटली के उपप्रधानमंत्री एंटोनियो ताज़ानी ने अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को रद्द कर दिया है.
साल 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली मेलोनी एकमात्र यूरोपीय प्रतिनिधि थीं, लेकिन पोप लियो के खिलाफ ट्रंप की एक टिप्पणी के बाद से ही दोनों के रिश्तों में दूरियां आनी शुरू हो गई थीं, जो अब खुलकर सामने आ गई हैं.