बिहार विधानसभा चुनाव: पहले चरण में 60.13% मतदान
पटना | डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग गुरुवार शाम 5 बजे समाप्त हो गई. सुबह 7 बजे से जारी मतदान में प्रदेश के 18 जिलों की 121 सीटों पर कुल 60.13 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जगहों पर तकनीकी खामियों और सुरक्षा कारणों से मतदान में थोड़ी देर हुई.
राज्य में बेगूसराय जिले ने सबसे ज्यादा 67.32% वोटिंग के साथ रिकॉर्ड बनाया, जबकि शेखपुरा में सबसे कम 52.36% वोटिंग दर्ज की गई. राजधानी पटना में औसतन 55.02% मतदान हुआ. हालांकि शहरी इलाकों में मतदाताओं का उत्साह कुछ कम देखा गया.
पटना शहर की तीन प्रमुख शहरी सीटों पर मतदान का प्रतिशत सबसे कम रहा-
- कुम्हरार: 39.52%
- दीघा: 39.10%
- बांकीपुर: 40%
इन सीटों को लेकर चुनाव आयोग भी चिंतित है, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में मतदातान अपेक्षा से नीचे रहा.
राज्य भर में 56 अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदान शाम 5 बजे तक ही कराया गया. इन इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई थी और सीसीटीवी निगरानी रखी गई. आयोग के अनुसार, पूरे चरण में कहीं से भी किसी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली.
पहले चरण में कुल 1314 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में बंद हो गई है. इनमें से 104 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई देखने को मिली. इन 121 सीटों पर दूसरे चरण से पहले सियासी समीकरण काफी हद तक तय माने जा रहे हैं.
पहले फेज में दो डिप्टी सीएम और 18 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है. 10 हॉट सीटों पर सबसे अधिक नजरें टिकी रहीं, जिनमें तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अनंत सिंह जैसे बड़े नेताओं की सीटें शामिल हैं. इन सीटों पर मुकाबला बेहद रोचक रहा.
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं. पहला चरण खत्म होने के साथ अब सभी की निगाहें दूसरे चरण की तैयारियों पर हैं. मतगणना 14 नवंबर को होगी, जब तय होगा कि बिहार की सत्ता किसके हाथों में जाएगी.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण की वोटिंग प्रतिशत यह संकेत दे रही है कि ग्रामीण इलाकों में मतदाता अधिक सक्रिय रहे, जबकि शहरी मतदाता अब भी उदासीन दिखाई दिए.