वेनेजुएला झुका नहीं, हम अभी भी स्वतंत्र: कार्यवाहक राष्ट्रपति
काराकास । डेस्क: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने स्पष्ट किया है कि पिछला सप्ताह अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बावजूद उनका देश अमेरिका के अधीन नहीं हुआ है. गुरुवार को नेशनल गार्ड मिलिट्री एकेडमी में आयोजित एक समारोह के दौरान रोड्रिग्ज ने कहा कि वेनेजुएला आज भी एक स्वायत्त और स्वतंत्र राष्ट्र बना हुआ है.
उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि हमले के दौरान वेनेजुएला की सेना निष्क्रिय रही थी.
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में किसी ने भी आत्मसमर्पण नहीं किया और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सैनिकों ने बहादुरी से मुकाबला किया.
यह बयान 3 जनवरी को हुए अमेरिकी सैन्य अभियान में मारे गए और घायल हुए सैनिकों व नागरिकों को सम्मानित करने के दौरान आया है.
गौरतलब है कि वेनेजुएला और अमेरिका के बीच संबंधों का इतिहास दशकों से उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जो विचारधारा, तेल की राजनीति और सत्ता के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमता है. हालिया सैन्य तनाव को समझने के लिए इनके पिछले 25 वर्षों के संबंधों को देखना जरूरी है:
1. वैचारिक टकराव की शुरुआत (ह्यूगो शावेज युग)
1999 में ह्यूगो शावेज के राष्ट्रपति बनने के साथ ही रिश्तों में खटास आनी शुरू हुई. शावेज ने "21वीं सदी के समाजवाद" का नारा दिया और अमेरिकी विदेश नीति की खुलकर आलोचना की. 2002 में शावेज के खिलाफ एक असफल तख्तापलट हुआ, जिसका आरोप वेनेजुएला ने सीधे तौर पर अमेरिका पर लगाया. इसके बाद से दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती गई.
2. 'तेल' और प्रतिबंधों का दौर
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है. एक समय अमेरिका वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीदार था, लेकिन राजनीतिक तनाव के कारण अमेरिका ने धीरे-धीरे आर्थिक प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए. निकोलस मादुरो के शासनकाल में, अमेरिका ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी (PDVSA) पर कड़े प्रतिबंध लगाए, जिसका उद्देश्य मादुरो सरकार की आय के स्रोत को बंद करना था.
3. दो राष्ट्रपतियों का संकट (2019)
2019 में जब निकोलस मादुरो ने दोबारा राष्ट्रपति पद की शपथ ली, तो अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्हें मान्यता देने से इनकार कर दिया. इसके बजाय, अमेरिका ने विपक्षी नेता जुआन गुआइदो को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी. इससे वेनेजुएला में दो समानांतर सरकारों जैसी स्थिति पैदा हो गई और कूटनीतिक रिश्ते पूरी तरह टूट गए.
4. हालिया सैन्य तनाव और जनवरी 2026 की स्थिति
हाल के वर्षों में अमेरिका ने मादुरो पर "नार्को-टेररिज्म" (नशीली दवाओं के आतंकवाद) के आरोप लगाए और उनकी गिरफ्तारी पर करोड़ों डॉलर के इनाम की घोषणा की. 3 जनवरी, 2026 को जिस सैन्य हमले और मादुरो की गिरफ्तारी की बात समाचार में कही गई है, वह इसी लंबे समय से चले आ रहे "शासन परिवर्तन" (Regime Change) के प्रयासों का चरम बिंदु माना जा रहा है.