उत्तराखंड: 'मोहम्मद दीपक' के समर्थन में आए राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तराखंड के कोटद्वार में गणतंत्र दिवस के अवसर पर मानवता की मिसाल पेश करने वाले 46 वर्षीय जिम मालिक दीपक अक्की कुमार इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. 26 जनवरी को जब दक्षिणपंथी संगठन के कुछ लोगों ने 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को उनकी दुकान 'बाबा स्कूल ड्रेस' के नाम को लेकर प्रताड़ित करना शुरू किया, तब दीपक ने बीच-बचाव कर बुजुर्ग की रक्षा की.
इस दौरान जब भीड़ ने उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताकर धार्मिक कट्टरता को चुनौती दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इस घटना के बाद दीपक अक्की कुमार को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार, 31 जनवरी को उनके घर के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा.
पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में अब तक तीन अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं, जिनमें दुकानदार के साथ हुई बदसलूकी और बाद में हुए विरोध प्रदर्शन शामिल हैं. भारी दबाव और धमकियों के बावजूद दीपक अपने रुख पर अडिग हैं और उन्होंने मीडिया से कहा कि वे एक इंसान के नाते अपने नैतिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे.
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दीपक अक्की कुमार को 'भारत का नायक' और 'शेरदिल योद्धा' बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दीपक संविधान और मानवता के लिए लड़ रहे हैं और वे नफरत के बाजार में 'मोहब्बत की दुकान' का जीवंत प्रतीक हैं.
वहीं, दुकानदार वकील अहमद ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी दुकान का नाम नहीं बदलेंगे और फिलहाल स्थिति सामान्य है. नागरिक समाज और कई राजनीतिक दल दीपक के साहस को धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की जीत बता रहे हैं.
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार… pic.twitter.com/c1D4VHV5XO