ट्रंप का रूसी तेल पर 500% टैरिफ बिल मंजूर, भारत की बढ़ी मुश्किलें
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े फैसलों ने ऊर्जा और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने उस विवादास्पद विधेयक को अपनी हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक का भारी-भरकम टैरिफ लगाया जा सकता है.
इसके साथ ही, अमेरिका ने भारत और फ्रांस द्वारा स्थापित अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) से भी बाहर होने का फैसला किया है. यह घटनाक्रम भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कार्यभार संभालने से ठीक पहले हुआ है, जिन्होंने रूसी तेल आयात को पूरी तरह बंद करना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.
अमेरिकी सीनेट में पेश 'रूस सैंक्शंस एक्ट' को भारी द्विदलीय समर्थन प्राप्त है और अगले सप्ताह इस पर मतदान होने की संभावना है.
सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ जबरदस्त 'लीवरेज' प्रदान करेगा ताकि उन्हें रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोका जा सके.
वर्तमान में भारत पर पहले से ही 25% का दंडात्मक टैरिफ लागू है, लेकिन नए विधेयक के बाद ट्रंप के पास इसे 500% तक बढ़ाने का विवेकाधीन अधिकार होगा.
इस बीच, भारत के निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस ने पहले ही दिसंबर और जनवरी के लिए रूसी तेल के ऑर्डर रोक दिए हैं, जो बदलती वैश्विक परिस्थितियों का संकेत है.
दूसरी ओर, भारत की पहल पर बने आईएसए और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय संधियों से अमेरिका के हटने को वैश्विक बहुपक्षवाद और नवीकरणीय ऊर्जा मिशन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है.