अमरीका यूनेस्को की सदस्यता छोड़ेगा
नई दिल्ली । डेस्क: संयुक्त राज्य अमरीका ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) से अपनी सदस्यता समाप्त करने की घोषणा की. अमरीकी विदेश मंत्रालय ने इस फैसले के पीछे संगठन की नीतियों को राष्ट्रीय हितों के खिलाफ और इजरायल विरोधी रुख को बढ़ावा देने वाला बताया है.
अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक बयान में कहा, "यूनेस्को की कार्यप्रणाली में वैचारिक और विभाजनकारी सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर अत्यधिक ध्यान दिया जा रहा है, जो अमरीका की 'अमरीका पहले' नीति के विपरीत है."
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूनेस्को ने "फिलिस्तीन राज्य" को सदस्यता देकर एक विवादास्पद कदम उठाया, जो अमरीकी नीतियों के खिलाफ है और संगठन में इजरायल विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देता है.
यह निर्णय 31 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा, और तब तक अमरीका यूनेस्को का पूर्ण सदस्य बना रहेगा.
यह दूसरी बार है जब ट्रम्प प्रशासन ने यूनेस्को से हटने का फैसला किया है. इससे पहले 2017 में भी अमरीका ने संगठन छोड़ा था, लेकिन बाइडन प्रशासन के तहत 2023 में फिर से इसमें शामिल हुआ था.
यूनेस्को की स्थापना 1945 में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी.
अमरीका ने 1984 में भी एक बार इस संगठन से किनारा किया था, जब उसने संगठन पर अमरीकी हितों के प्रति पक्षपात और वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया था.
बाद में 2003 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में अमरीका ने फिर से यूनेस्को की सदस्यता ग्रहण की थी.