अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाये
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 54 देशों से होने वाले आयात पर 12.5 प्रतिशत का अतिरिक्त सीमा शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय द्वारा घोषित इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि ये देश बंधुआ या जबरन श्रम (फोर्स लेबर) से बने उत्पादों के आयात को रोकने में विफल रहे हैं.
भारत सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और इस मुद्दे को द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जैमिसन ग्रीर ने एक बयान में कहा कि हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक न लगाना अस्वीकार्य है. इससे अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है और अमेरिका अब इस असमानता को बर्दाश्त नहीं करेगा.
हालांकि, भारत के वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ये प्रस्तावित टैरिफ अभी अंतिम नहीं हैं. भारत इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के साथ धारा 301 (Section 301) की कार्यवाही के तहत जुड़ा हुआ है और साथ ही दोनों देश एक व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए भी समानांतर बातचीत कर रहे हैं.
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के अनुसार, इस जांच के निष्कर्षों को चुनौती दी जा सकती है, क्योंकि यूएसटीआर की जांच भारतीय निर्यात में जबरन श्रम को लेकर नहीं है, बल्कि इस बात पर है कि क्या भारत ने अन्य जगहों से आने वाले जबरन श्रम से जुड़े आयात को रोका है.
उन्होंने सलाह दी कि भारत को इस धारा 301 की कार्रवाई और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ताओं को अलग-अलग देखना चाहिए. गौरतलब है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, ऐसे में भारत इस मामले को गंभीरता से ले रहा है.
यूएसटीआर के इस प्रस्ताव में भारत के अलावा चीन, जापान, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं, जिन्हें 12.5% अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, कनाडा, यूरोपीय संघ और मैक्सिको जैसे छह ऐसे देशों पर 10% शुल्क का प्रस्ताव है जिनके पास कानून तो हैं लेकिन वे उन्हें प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पाए.
हालांकि, अमेरिका ने कुछ राहत भी दी है. ऊर्जा उत्पाद, रेयर अर्थ मेटल्स, दवाएं, ऑर्गेनिक केमिकल्स, बीफ, कॉफी और हवाई जहाज के कलपुर्जों को इस अतिरिक्त टैरिफ से मुक्त रखा गया है. इस प्रस्ताव पर संबंधित पक्ष 22 जून तक सार्वजनिक सुनवाई के लिए अनुरोध कर सकते हैं और 6 जुलाई तक अपनी लिखित टिप्पणियां भेज सकते हैं, जिसके बाद 7 जुलाई को इस पर अंतिम सुनवाई होगी.