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IIT, IIM और AIIMS यूजीसी डिफॉल्टर सूची में !

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02 जुल. 2025, 02:47 AM 2 मिनट में पढ़ें 4

यूजीसी
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नई दिल्ली । डेस्क: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने रैगिंग रोकथाम नियमों का पालन न करने के कारण देश के 89 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को डिफॉल्टर की श्रेणी में डाला है. इनमें 4 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, 3 भारतीय प्रबंधन संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन जैसे 17 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान शामिल हैं. 


यूजीसी ने इन संस्थानों को सख्त चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस भेजा है.

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इस सूची में शामिल प्रमुख संस्थानों में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी पलक्कड़, आईआईएम बॉम्बे, आईआईएम रोहतक, आईआईएम तिरुचिरापल्ली, एम्स रायबरेली, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) हैदराबाद, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, नालंदा यूनिवर्सिटी, इग्नू और कोलकाता का इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट जैसे नाम हैं. 


इसके अलावा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के दिल्ली, आंध्र प्रदेश और हरियाणा परिसर भी डिफॉल्टर सूची में हैं.


यूजीसी के रैगिंग विरोधी नियम, 2009 के अनुसार, प्रत्येक छात्र और उनके अभिभावकों को प्रवेश के समय और हर शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में रैगिंग विरोधी हलफनामा जमा करना जरूरी है. साथ ही, संस्थानों को भी अनुपालन हलफनामा देना होता है. 


यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने बताया, "बार-बार सलाह देने, रैगिंग विरोधी हेल्पलाइन के जरिये संपर्क करने और निगरानी एजेंसी की सक्रियता के बावजूद ये संस्थान अनिवार्य हलफनामे जमा करने में विफल रहे. यह न सिर्फ नियमों की अवहेलना है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है."


यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर इन संस्थानों ने नियमों का पालन नहीं किया, तो उनकी मान्यता खत्म की जा सकती है या संबद्धता रद्द हो सकती है. 


इसके साथ ही, अनुदान और वित्तीय सहायता भी बंद हो सकती है, जिससे शोध कार्य और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होंगी. जोशी ने कहा कि रैगिंग जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाना सभी उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है, ताकि परिसर में सुरक्षित और मैत्रीपूर्ण माहौल बना रहे.


यूजीसी ने इन संस्थानों से तुरंत कदम उठाने और नियमों का पालन करने की मांग की है. यह कदम न केवल संस्थानों को जवाबदेह बनायेगा, बल्कि छात्रों के लिये परिसर में एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP