सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

टकर कार्लसन ने ईरान युद्ध को बताया ट्रंप की 'सबसे बड़ी गलती'

C

CG Khabar

13 अप्रै. 2026, 03:18 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

टकर कार्लसन
टकर कार्लसन

नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी इन्फ्लुएंसर टकर कार्लसन ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति पर तीखा हमला बोला है. कार्लसन ने कहा कि ट्रंप या उनके जीवनकाल में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई सबसे बड़ी गलती ईरान के साथ युद्ध में जाना है. 


ट्रंप की ईरान नीतियों के कट्टर आलोचक रहे कार्लसन ने दावा किया कि अमेरिका ने केवल इजरायल के बार-बार किए गए "अनुरोध और मांग" पर ईरान के साथ युद्ध का रास्ता चुना, जो इजरायल दशकों से करता आ रहा है.

विज्ञापन


वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्लसन ने अमेरिकी अधिकारियों से उन प्रयासों का विरोध करने की भी अपील की है जो ईरानी नागरिकों को नुकसान पहुँचाने वाले बड़े हमलों को अनुमति देते हैं. इ


इसके अतिरिक्त, कार्लसन ने अपने हालिया पॉडकास्ट में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खोलने के संबंध में ट्रंप की टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें "दुष्टतापूर्ण" करार दिया है.



गौरतलब है कि टकर कार्लसन एक प्रमुख अमेरिकी रूढ़िवादी राजनीतिक टिप्पणीकार, लेखक और पूर्व टेलीविजन होस्ट हैं, जिन्हें अमेरिकी राजनीति में दूर-दराज के दक्षिणपंथी (Far-right) विचारों को मुख्यधारा में लाने के लिए जाना जाता है. उनका जन्म 16 मई 1969 को कैलिफोर्निया में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक में प्रिंट पत्रकारिता से की थी. 


कार्लसन को सबसे अधिक प्रसिद्धि फॉक्स न्यूज (Fox News) के कार्यक्रम 'टकर कार्लसन टुनाइट' से मिली, जो 2016 से 2023 के बीच अमेरिका के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले केबल न्यूज शो में से एक था. अप्रैल 2023 में फॉक्स न्यूज से अचानक हटाए जाने के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना स्वतंत्र डिजिटल शो शुरू किया.


कार्लसन अपनी विवादास्पद टिप्पणियों, आप्रवासन के कड़े विरोध और अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना के लिए जाने जाते हैं. हाल के वर्षों में, उन्होंने यूक्रेन और ईरान जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का विरोध किया है और फरवरी 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का साक्षात्कार करने वाले पहले पश्चिमी पत्रकार बनकर दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं.


2026 में उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब एक स्थापित महाशक्ति है जिसे कोई देश निर्देश नहीं दे सकता. डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक होने के बावजूद, वे ट्रंप की कुछ नीतियों, विशेष रूप से ईरान के प्रति उनके रुख और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से संबंधित बयानों के मुखर आलोचक रहे हैं. उनकी शैली अक्सर लोकलुभावनवाद और संभ्रांतवाद विरोधी (anti-establishment) भावनाओं पर केंद्रित होती है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP