ट्रंप ने ईरान को AI Generated Photo पोस्ट कर कहा- अब और शराफत नहीं
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे "जल्द ही समझदारी दिखानी होगी." ईरान की ओर से परमाणु समझौते को स्थगित करने के हालिया प्रस्ताव के बाद ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ सोशल' पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि ईरान अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर पा रहा है और उन्हें एक गैर-परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं आता.
ट्रंप ने अपनी पोस्ट के साथ एक एआई-जनरेटेड तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे एक राइफल लिए हुए हैं और पीछे विस्फोट हो रहे हैं, जिस पर लिखा था- "अब और शराफत नहीं." (NO MORE MR. NICE GUY!)
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अमेरिका इस पर जल्दबाजी में कोई समझौता करने के मूड में नहीं है.
अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देश वर्तमान में "तीव्र प्रतिस्पर्धा" के दौर से गुजर रहे हैं, जहां शारीरिक युद्ध के बजाय एक-दूसरे की सहनशक्ति को आजमाया जा रहा है.
आर्थिक मोर्चे पर भी अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, ईरान के 'शैडो बैंकिंग' ढांचे, क्रिप्टोकरेंसी एक्सेस और तेल परिवहन करने वाले जहाजों के नेटवर्क को निशाना बनाया गया है.
हाल ही में एक चीनी तेल रिफाइनरी और 40 शिपिंग फर्मों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो कथित तौर पर ईरान के अवैध तेल व्यापार में शामिल थे. इन प्रतिबंधों का असर ईरान की मुद्रा रियाल पर साफ दिख रहा है, जो बुधवार को डॉलर के मुकाबले 18 लाख के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. युद्ध शुरू होने के बाद से रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है.
इस तनाव के बीच ईरान के भीतर मानवाधिकारों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने बताया कि युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान में कम से कम 21 लोगों को फांसी दी जा चुकी है और 4,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई के साथ प्रताड़ना और गायब होने की खबरें भी सामने आई हैं. ईरान ने अपने जासूसी कानूनों को और सख्त कर दिया है, जिसके तहत सरकार विरोधियों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें मृत्युदंड देने का अधिकार रखती है. कुल मिलाकर, बाहरी प्रतिबंधों और आंतरिक विद्रोह के बीच ईरान एक गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है.