नॉर्वे के मंत्री से ट्रम्प की मांग: "इस बार मुझे नोबेल चाहिए"
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बार खुलेआम नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की है. नॉर्वे के एक मंत्री के साथ फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने यह दावा पेश किया.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, नॉर्वे के व्यापारिक दैनिक 'डागेन्स नाएरिंग्सलिव' में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, पिछले जुलाई में नॉर्वे के व्यापार मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ टैरिफ और आर्थिक सहयोग पर चर्चा के दौरान ट्रम्प ने कहा, "इस बार मुझे नोबेल शांति पुरस्कार चाहिए."
इससे पहले, इज़रायल, पाकिस्तान और कंबोडिया ने ट्रम्प को शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया था. लेकिन इस बार उन्होंने सीधे नॉर्वे से दावा किया कि वह नोबेल के लिए योग्य हैं.
हालांकि, नोबेल समिति या व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
स्टोलटेनबर्ग ने बताया कि यह फोन कॉल मुख्य रूप से नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास स्टोर के साथ टैरिफ और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की तैयारी के लिए थी.
इसके अलावा उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. सूत्रों के मुताबिक, ट्रम्प की मांग के जवाब में नॉर्वे ने टैरिफ निर्यात के बदले एक प्रस्ताव रखा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प को अपनी उपलब्धियों का ढोल पीटने में महारत हासिल है.
भारत-पाकिस्तान से लेकर इज़रायल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिशों के लिए वह बार-बार अपनी प्रशंसा करते हैं.
इस बीच, रूस-यूक्रेन संघर्ष को रोकने के मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रम्प की भूमिका की सराहना की है.
पुतिन का दावा है कि तीन साल से अधिक समय से ट्रम्प युद्धविराम और परमाणु हथियार नियंत्रण के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं. उनके अनुसार, ये प्रयास विश्व में दीर्घकालिक शांति ला सकते हैं.