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भारत पर टैरिफ के कारण रूस वार्ता को राजी- ट्रंप

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15 अग. 2025, 08:37 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

ट्रंप टैरिफ
ट्रंप टैरिफ

नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाए गए टैरिफ ने मॉस्को को वाशिंगटन के साथ बैठक के लिए प्रेरित किया है. ट्रंप के अनुसार, भारत, जो रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है, ने टैरिफ की धमकी के बाद रूसी तेल खरीदना "लगभग बंद" कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप रूस ने बातचीत की मांग की. 


यह बयान ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को अलास्का के एंकरेज में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले आया है.

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ट्रंप ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि हर चीज का असर होता है." उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने भारत को बताया कि "हम आपसे शुल्क लेंगे, क्योंकि आप रूस से तेल खरीद रहे हैं," तो इससे भारत ने रूसी तेल की खरीद "लगभग बंद" कर दी. 


ट्रंप ने कहा, "और फिर रूस ने फोन किया और वे मिलना चाहते थे. हम देखेंगे कि इस बैठक का क्या मतलब है. लेकिन निश्चित रूप से, जब आप अपने दूसरे सबसे बड़े ग्राहक को खो देते हैं, और शायद पहला सबसे बड़ा ग्राहक भी खोने वाला है, तो मुझे लगता है कि इसका एक रोल है." 


उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार था, जो चीन के करीब पहुंच रहा था, जो सबसे बड़ा खरीदार है.


हालांकि, भारत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ धमकी के जवाब में रूसी तेल की खरीद को नहीं रोका है और वह पूरी तरह से आर्थिक विचारों के आधार पर खरीद जारी रखेगा. 


भारतीय तेल निगम (आईओसी) के अध्यक्ष एएस साहनी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "रूसी तेल आयात पर कोई रोक नहीं है. हम पूरी तरह से आर्थिक विचारों के आधार पर खरीदते हैं, यानी अगर कच्चे तेल की कीमत और विशेषताएं हमारी प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हैं, तो हम खरीदते हैं."


पिछले हफ्ते, ट्रंप ने भारत से अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है. यह टैरिफ भारत के रूसी तेल आयात को दंडित करने के लिए लगाया गया था और यह 27 अगस्त से लागू होगा. 


इस कदम से भारत के लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर के गैर-छूट वाले निर्यात पर असर पड़ने की संभावना है, जिसके कारण रूसी तेल आयात को रोकने या कम करने की चर्चा शुरू हो गई थी.


विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी टैरिफ को "अनुचित और अनुचित" करार देते हुए कहा कि भारत को निशाना बनाना उचित नहीं है. 


मंत्रालय ने बयान में कहा, "किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तरह, भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा." ट्रंप ने यह भी कहा है कि भारत का रूसी तेल खरीदना "युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है."

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP