ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान ने टेके घुटने, अब कभी नहीं बनाएगा परमाणु हथियार
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तीन सप्ताह के युद्ध में अपनी जीत का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह से 'तबाह' कर दिया है.
उन्होंने खुलासा किया कि अब ईरानी नेतृत्व एक बड़े समझौते के लिए तैयार है और उन्होंने वादा किया है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे. ट्रंप ने इसे 'तख्तापलट' जैसी स्थिति बताते हुए कहा कि ईरान का वर्तमान नेतृत्व बदल चुका है और वे अब उन लोगों से अलग हैं जिन्होंने पहले समस्याएं पैदा की थीं.
ट्रंप ने एक रहस्यमयी "बड़े तोहफे" का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और तेल के प्रवाह से संबंधित एक 'महत्वपूर्ण पुरस्कार' अमेरिका को दिया है, जिसकी कीमत अरबों डॉलर है.
हालांकि उन्होंने इसकी सटीक जानकारी साझा नहीं की, लेकिन स्पष्ट किया कि यह तेल और गैस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.
इस बीच, ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उस सोशल मीडिया पोस्ट का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की थी. शरीफ ने व्यापक समाधान के लिए पाकिस्तान में बातचीत की मेजबानी करने का प्रस्ताव दिया है.
युद्ध की स्थिति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है और अमेरिकी विमान बेखौफ होकर तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि बी-2 बॉम्बर्स के जरिए हमला नहीं किया जाता, तो ईरान दो सप्ताह के भीतर परमाणु हथियार हासिल कर लेता और उसका इस्तेमाल इजरायल सहित पूरे मध्य पूर्व पर कर सकता था.
इस सैन्य अभियान पर रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी बयान जारी कर कहा कि इतिहास में कभी भी किसी आधुनिक सेना को इतनी तेजी से और इतने बड़े पैमाने पर नेस्तनाबूद नहीं किया गया है. वर्तमान में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और जारेड कुशनर जैसे शीर्ष अधिकारी ईरान के साथ अंतिम समझौते की शर्तों पर काम कर रहे हैं.