नेपाल में मूसलाधार बारिश: उफान पर नदियाँ, भूस्खलन से कई राष्ट्रीय राजमार्ग ठप
काठमांडू । डेस्क: नेपाल में बीते बृहस्पतिवार से जारी मूसलाधार बारिश ने देश के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही मचाई है. नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बाढ़ के पानी में कई मकान बह गए हैं, जबकि सैकड़ों घर जलमग्न हो चुके हैं. इस प्राकृतिक आपदा के चलते देश के कई प्रमुख सडक़ मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे यातायात संपर्क टूट गया है.
रुपंदेही में तिनाउ नदी का तांडव, रातभर चला राहत-बचाव कार्य
रुपंदेही जिले में तिनाउ नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. बुटवल में शनिवार रात नदी के तेज बहाव में किनारे स्थित छह मकान बह गए. क्षेत्र में लगभग 200 अन्य मकानों पर भी बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है. स्थिति की नाजुकता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने रात में ही त्वरित कार्रवाई करते हुए जोखिम वाले इलाकों से करीब 1,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. बुटवल उप-महानगरपालिका के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों और स्थानीय स्कूलों में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराया गया है. प्रशासन ने तटीय इलाकों के निवासियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है.
चितवन में नदियां उफान पर, नारायणगढ़-मुगलिन मार्ग अवरुद्ध
चितवन जिले में नारायणी नदी और रिऊ खोला ने रविवार तड़के खतरे के जलस्तर को पार कर लिया. देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के मानक 9 मीटर से ऊपर पहुंचकर 9.23 मीटर दर्ज किया गया. लगातार बारिश के कारण पहाड़ दरकने से सडक़ यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. धरापानी और सिमलधारा में भूस्खलन और कीचड़ जमा होने के कारण यातायात दोनों दिशाओं में ठप हो गया है, जबकि सिमलताल में सडक़ धंसने से मार्ग एकतरफा ही चालू रह सका है. ट्रैफिक पुलिस भूस्खलन का मलबा हटाकर सडक़ों को दोबारा शुरू कराने के प्रयास में जुटी है.
करनाली क्षेत्र में बढ़ा भूस्खलन का खतरा, कई मार्ग बंद
करनाली प्रदेश में भी नदियाँ लगातार उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. डोल्पा में ठुली भेरी नदी और हुम्ला में करनाली नदी का जलस्तर चेतावनी के स्तर के करीब पहुंच चुका है. मुगु में नागना-गामगढ़ी सडक़ और कालिकोट के गग्ने खोला में भूस्खलन के कारण प्रसिद्ध करनाली राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है. इसके अलावा हुम्ला में करनाली कॉरिडोर के कई हिस्सों में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों का संपर्क कट गया है.
नवलपरासी और सप्तरी में 389 घर डूबे, टापू में तब्दील हुआ सुस्ता
सप्तकोशी और नारायणी नदी में आई भीषण बाढ़ से नवलपरासी पश्चिम और सप्तरी जिलों में व्यापक नुकसान हुआ है. दोनों जिलों को मिलाकर कुल 389 घर पानी में डूब गए हैं. नवलपरासी के सुस्ता ग्रामीण नगरपालिका में नारायणी नदी का पानी बस्तियों में घुसने से 172 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है. तीन तरफ से नदी और एक तरफ भारतीय सीमा से घिरे सुस्ता गाँव का जमीनी संपर्क कट चुका है और झूला पुल तक पहुँचने के लिए केवल नावों का सहारा बचा है. सशस्त्र पुलिस बल की बैरक भी जलमग्न हो गई है.
उधर सप्तरी जिले के हनुमाननगर कंकालिनी और तिलाठी कोईलाडी में 217 घर जलमग्न हो गए हैं. अचानक घुसे पानी से राशन और घरेलू सामान नष्ट हो गया है. विस्थापित परिवारों को कोशी नदी के पश्चिमी तटबंध पर त्रिपाल के नीचे अस्थायी आश्रय दिया गया है, जहाँ स्थानीय प्रशासन की मदद से भोजन और राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है. देश भर में बारिश का दौर जारी रहने के कारण सभी प्रभावित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. File Photo