तेलंगाना बजट: माओवादी पुनर्वास के लिए गृह विभाग को भारी-भरकम आवंटन
हैदराबाद । डेस्क: तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने गृह विभाग के लिए 11,907 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट की घोषणा की. उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार माओवाद को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं मानती, बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
उन्होंने पिछली सरकारों और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केवल पुलिस और सशस्त्र बलों के जरिए इस आंदोलन को दबाने की कोशिशें सफल नहीं हो सकतीं.
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों का वास्तविक सामाजिक परिवर्तन केवल व्यापक कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार के माध्यम से ही संभव है.
उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक विभिन्न स्तरों के 732 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2014 से 2023 के बीच यह संख्या केवल 347 थी.
सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को उचित आजीविका, सामाजिक गरिमा और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए, तो वे मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं.
तेलंगाना सरकार का यह 'विज़नरी' मॉडल अब देश के लिए एक नई राह दिखा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन सामंती सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को खत्म करना है जिन्होंने नक्सलवाद को जन्म दिया.