ताजिकिस्तान का ऐनी एयरबेस बंद: कांग्रेस ने उठाए सवाल
नई दिल्ली । डेस्क: भारत ने ताजिकिस्तान के ऐनी एयरबेस पर अपना परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है. यह फैसला दोनों देशों के बीच एयरबेस के विकास और संयुक्त संचालन का द्विपक्षीय समझौता समाप्त होने के बाद आया है, जो लगभग चार साल पहले खत्म हो गया था.
भारत ने 2000 के दशक की शुरुआत में सोवियत-युग के इस एयरबेस को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें रनवे, ईंधन डिपो और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सुविधाओं को मजबूत करना शामिल था.
यह बेस मध्य एशिया में भारत के रणनीतिक प्रभाव के विस्तार के प्रयासों का हिस्सा था और इसे अफगानिस्तान के तत्कालीन उत्तरी गठबंधन को समर्थन देने के लिए स्थापित किया गया था. भारत ने 2021 में अफगानिस्तान से अपने नागरिकों और अधिकारियों को निकालने के लिए भी इस बेस का इस्तेमाल किया था.
ऐनी एयरबेस, जो ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे से लगभग 10 किलोमीटर दूर है, भारत का एकमात्र विदेशी सैन्य ठिकाना था.
इस कदम को लेकर, कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह देश की "रणनीतिक कूटनीति के लिए एक और झटका" है.
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि भारत को चार साल पहले ही धीरे-धीरे अपनी उपस्थिति खत्म करने का स्पष्ट संदेश मिल गया था.
रमेश ने इस बात का भी उल्लेख किया कि दुशांबे में एक संग्रहालय है जिसमें 1,500 साल पुरानी "बुद्ध ऑफ़ द निर्वाण" की मूर्ति रखी हुई है.