स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली कोर्ट से 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है. एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने इन-कैमरा (बंद कमरे में) सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया. स्वतंत्र भारद्वाज इस महीने की शुरुआत से ही न्यायिक हिरासत में थे.
यह मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान दलित छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हुए हमले से जुड़ा है. घटना के बाद भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर पीड़ित के साथ मारपीट की बात स्वीकार की थी और अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला दिया था.
इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और पीड़ित परिवार द्वारा संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किए जाने पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 126(2) के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं जोड़ीं.
इसके अलावा भारद्वाज पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत भी एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है. उत्तर प्रदेश से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील उमेश चंद्र शर्मा ने दलील दी कि यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और पीड़ित पक्ष ने खुद भारद्वाज पर हमला किया था, जिस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील स्वाति खन्ना ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि भारद्वाज ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था और उनके हमले की बात स्वीकारने का वीडियो भी मौजूद है.
दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि शुरुआती शिकायत में जातिसूचक टिप्पणी का जिक्र नहीं था, जिसे बाद के बयान में जोड़ा गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और मंगलवार को स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम राहत प्रदान की.