बेबी ओरांगुटान की तस्करी में छह संदिग्धों और संदिग्ध SUV पर पैनी नजर- DGP
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के बालासोर तटीय क्षेत्र में पांच बेबी ओरांगुटान के लावारिस मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट की जांच तेज हो गई है. राज्य के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने शनिवार को स्पष्ट किया कि स्पेशल टास्क फोर्स इस मामले की बेहद सतर्कता से जांच कर रही है और ठोस सबूत मिलने के बाद ही गिरफ्तारियां की जाएंगी.
सोमवार रात भोगराई के बिचित्रपुर गांव के झाऊ (कैसुएरिना) के जंगलों में ये पांचों छोटे ओरांगुटान लावारिस हालत में छोड़े गए थे, जिन्हें मंगलवार सुबह वन विभाग ने रेस्क्यू किया.
मूल रूप से इंडोनेशिया के सुमात्रा और बोर्नियो द्वीपों पर पाए जाने वाले इन दुर्लभ जीवों की तस्करी भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते पश्चिम बंगाल के दीघा रूट से होने की आशंका जताई जा रही है.
जांच अधिकारियों ने दीघा के कई होटल मालिकों से पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए एक विशेष टीम बनाई है. जांच एजेंसियों की नजर सोमवार रात ओडिशा में प्रवेश करने वाली एक संदिग्ध काले रंग की एसयूवी और छह संभावित संदिग्धों पर टिकी है.
रेस्क्यू किए गए पांचों ओरांगुटान - जिनमें तीन मादा और दो नर हैं - को नंदनकानन प्राणी उद्यान में क्वारंटाइन में रखा गया है. नंदनकानन के उप निदेशक प्रदीप मिरासे के अनुसार, सभी बच्चे सामान्य स्वास्थ्य में हैं. एक ओरांगुटान को बीच में बुखार आया था, जिसे चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है और उसकी सेहत में सुधार हो रहा है.