स्मार्टफोन ने कुरनूल बस त्रासदी को बनाया 'भीषण नरक'
कुरनूल । डेस्क: कुरनूल बस त्रासदी की जांच में खुलासा हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त बस में 234 स्मार्टफोन अवैध रूप से ले जाए जा रहे थे. जिनके बैटरी फटने से आग बेकाबू हुई थी. इसके अलावा बस ड्राइवर नकली लाइसेंस पर वाहन चला रहा था.
कुरनूल बस त्रासदी की पुलिस जांच में दुर्घटना के कारणों का नया खुलासा हुआ है. पहले माना जा रहा था कि 24 वर्षीय शिवशंकर की मौत बस से टक्कर के कारण हुई थी. हालाँकि, शिवशंकर के साथ मौजूद पीछे बैठे व्यक्ति, नानी, ने पुलिस को बताया कि उनकी बाइक फिसल गई थी और शिवशंकर की मौके पर ही मौत हो गई थी.
नानी के बयान के अनुसार, इसके तुरंत बाद, वी कावेरी ट्रैवल्स की दुर्भाग्यपूर्ण निजी बस ने सड़क पर गिरी हुई स्थिर बाइक को कुचल दिया और उसे कुछ दूर तक घसीटा, जिससे घर्षण के कारण आग लग गई. घटनास्थल से पहले एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में शिवशंकर और नानी को अस्थिर रूप से चलते हुए और लापरवाही से बाइक चलाते हुए देखा गया था.
अवैध स्मार्टफोन और आग का विकराल रूप
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है. बस के लगेज केबिन में अवैध रूप से 234 स्मार्टफोन (जिनकी कीमत 46 लाख थी) ले जाए जा रहे थे. ये स्मार्टफोन हैदराबाद के एक मोबाइल फोन वितरक द्वारा बेंगलुरु की एक ई-रिटेल कंपनी को भेजे जा रहे थे. फॉरेंसिक टीम के अनुसार, इन फोनों की लिथियम बैटरियों के विस्फोट और बस के एयर कंडीशनिंग (AC) यूनिट की बैटरियों ने आग की तीव्रता को कई गुना बढ़ा दिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्फोटों की आवाजें सुनीं. आग इतनी भीषण थी कि यह कुछ ही मिनटों में पूरी बस को नष्ट कर गई और यहाँ तक कि बस के फर्श की एल्युमीनियम शीटों को भी पिघला दिया. यात्री वाहन में व्यापारिक माल का ले जाना अवैध है, लेकिन निजी बसें अक्सर इस नियम का उल्लंघन करती हैं.
ड्राइवर का भागना और अवैध लाइसेंस
बस ड्राइवर, लक्ष्माय्या ने आग लगने के बाद यात्री दरवाजे से भागने की कोशिश की. उसने दूसरे ड्राइवर, शिवा नारायणा को जगाया और दोनों बस से बाहर आ गए. दरवाजा लॉक होने का एहसास होने पर, उन्होंने टायर बदलने में इस्तेमाल होने वाले एक रिंच की मदद से खिड़की तोड़ी और कुछ यात्रियों को बाहर निकलने में मदद की. हालांकि, बाद में लक्ष्माय्या घटनास्थल से भाग गया लेकिन उसे पुलिस ने पकड़ लिया.जांच में यह भी पता चला है कि लक्ष्माय्या ने शैक्षणिक योग्यता के फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके भारी वाहन चलाने का लाइसेंस प्राप्त किया था.
कुरनूल त्रासदी के बाद, तेलंगाना परिवहन विभाग ने हैदराबाद और आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक के अन्य शहरों के बीच चलने वाली सैकड़ों निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (क्रैकडाउन) शुरू कर दी है. इसी बीच, मियापुर और गुंटूर के बीच यात्रा कर रही एक अन्य निजी बस हैदराबाद के आउटर रिंग रोड पर पलट गई.