7 विपक्षी CM पर गंभीर आपराधिक मामले, ADR की रिपोर्ट में खुलासा
नई दिल्ली । डेस्क: भारत के 31 मुख्यमंत्रियों में से 42 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा दिसंबर 2024 में किए गए विश्लेषण से हुआ है. यह विश्लेषण ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष ने नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के आधार पर मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और यहां तक कि प्रधानमंत्री को हटाने के लिए विधेयक पेश करने का आरोप लगाया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संविधान का 130वां संशोधन पेश किया, जिसमें केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गंभीर आरोपों में गिरफ्तार और 30 दिनों तक जेल में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने का प्रावधान है. विपक्ष का कहना है कि यह संशोधन खतरनाक है क्योंकि यह बिना दोषसिद्धि के भी निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाने का आधार प्रदान करता है.
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 13 मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. इनमें से 10 मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं, जैसे हत्या का प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी. इन 10 में से 7 मुख्यमंत्रियों का संबंध विपक्षी दलों से है, दो भाजपा के सहयोगी दलों से और एक भाजपा से है.
गंभीर आरोपों का सामना करने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची
1-तेलंगाना: अनुमुला रेवंत रेड्डी (कांग्रेस) - कुल मामले: 89, गंभीर धाराओं में मामले: 72
2-तमिलनाडु: एम.के. स्टालिन (डीएमके) - कुल मामले: 47, गंभीर धाराओं में मामले: 11
3-आंध्र प्रदेश: एन. चंद्रबाबू नायडू (टीडीपी) - कुल मामले: 19, गंभीर आरोप: 32
4-कर्नाटक: सिद्धारमैया (कांग्रेस) - कुल मामले: 13, गंभीर धाराओं में आरोप: 6
5-झारखंड: हेमंत सोरेन (झामुमो) - कुल मामले: 5, गंभीर धाराओं में आरोप: 7
6-महाराष्ट्र: देवेंद्र फडणवीस (भाजपा) - कुल मामले: 4, गंभीर धाराओं में आरोप: 2
7-हिमाचल प्रदेश: सुखविंदर सिंह (कांग्रेस) - कुल मामले: 4, गंभीर धाराओं में आरोप: 1
8-केरल: पिनराई विजयन (सीपीएम) - गंभीर धाराओं में आरोप: 2
9-सिक्किम: पी.एस. तमांग (एसकेएम) - कुल मामले: 1, गंभीर धाराओं में आरोप: 1
10-पंजाब: भगवंत सिंह मान (आप) - कुल मामले: 1, गंभीर धाराओं में आरोप: 1
एडीआर की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ मामलों में राजनेताओं पर छोटे-मोटे विरोध प्रदर्शनों के लिए भी मामले दर्ज किए जाते हैं. साथ ही, कुछ मुख्यमंत्रियों, जैसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, पर विपक्षी नेताओं ने पुलिस के दबाव में अपने खिलाफ मामले हटाने का आरोप लगाया है.