सरगुजा: भाई की करंट से मौत, ग्लानि में डूबे चचेरे भाई ने कफन से लगाई फांसी
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रेमनगर अंतर्गत महेशपुर गांव में महज 24 घंटे के भीतर एक ही आंगन से दो सगे चचेरे भाइयों की अर्थी उठी. इस दर्दनाक वाकये की शुरुआत रविवार रात उस वक्त हुई, जब 25 वर्षीय गणेश राजवाड़े द्वारा अपनी लहसुन की फसल को बकरियों से बचाने के लिए लगाए गए नंगे बिजली के तारों की चपेट में उसका भाई नर्मदा राजवाड़े (30) आ गया.
नल पर हाथ-मुंह धोने गए नर्मदा की मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे ने गणेश को गहरे सदमे और आत्मग्लानि में धकेल दिया.
हादसे के बाद कानूनी कार्रवाई और लोकलाज के डर से गणेश घर छोड़कर भाग निकला. बताया जा रहा है कि वह आधी रात को अपनी पत्नी से यह कहकर निकला था कि वह सरेंडर करने जा रहा है, वरना लोग उसे मार डालेंगे.
सोमवार सुबह गांव के पास ही एक पेड़ पर गणेश का शव फंदे से लटका मिला. चौंकाने वाली बात यह है कि गणेश ने फांसी लगाने के लिए जिस कपड़े का उपयोग किया, उसमें कोयले के निशान मिले हैं. अंदेशा जताया जा रहा है कि गणेश रात में चुपके से अपने भाई नर्मदा की जलती चिता के पास पहुंचा और वहां से कफन का कपड़ा उठाकर उसी का फंदा बना लिया.
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गणेश की शादी अभी चार माह पहले ही हुई थी, वहीं मृतक नर्मदा अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है. गणेश की पत्नी ने बताया कि उसने तार लगाने से मना किया था, लेकिन फसल बचाने की जिद में यह घातक कदम उठाया गया.
प्रेमनगर थाना प्रभारी विराट विशी के अनुसार, पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया है और प्रथम दृष्टया यह आत्मग्लानि के कारण की गई आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. इस दोहरी त्रासदी ने पूरे गांव को मातम में डुबो दिया है.