छत्तीसगढ़ में रेप के आंकड़े दोगुने हुए
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद रेप के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी देखी जा रही है
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ महिला अपराध के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है. राज्य में प्रतिदिन रेप के 8 से 9 मामले दर्ज हो रहे हैं. सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में साल 2024 में रेप की 2980 घटनाएं घटित हुईं.
यह आंकड़ा वह है, जो थानों में दर्ज हुआ. ऐसे कई मामले थाने तक पहुंचते भी नहीं. इसलिए वास्तविक आंकड़ों की बात की जाये तो वह सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा होगा.
राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी तब 2021 में बलात्कार के 1093 मामले दर्ज हुए. 2022 में 1246 मामले दर्ज हुए.
वहीं 2023 में रेप के मामले बढ़कर 2564 हो जाते हैं, मतलब 2022 की तुलना में दोगुने.
इस पर भी लगाम नहीं लगती और मामले बढ़ते ही जाते हैं और 2024 में यही आंकड़ा बढ़कर लगभग 3000 के आस पास पहुंच जाता है.
पिछले 4 सालों में राज्य में 2021 से लेकर 2024 तक बलात्कार की कुल 7883 वारदातें होती हैं.
इसमें सबसे खतरनाक पहलू यह है कि साल दर साल इन घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है.
रायपुर में सबसे ज्यादा रेप मामले
सबसे ज्यादा चिंताजनक यह है कि रायपुर रेप के मामले में भी राजधानी बना हुआ है.
राज्य भर में में रेप से जुड़ी सबसे ज्यादा घटनाएं रायपुर में हो रही हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 2024 में राज्य के किसी भी जिले से ज्यादा 247 रेप के मामले दर्ज हुए.
दूसरे नंबर पर इसी के आसपास 244 मामले बिलासपुर में दर्ज हुए.
रायपुर बलात्कार ही नहीं बल्कि हत्या, लूट और अपहरण के मामलों में भी राजधानी बना हुआ है.
यहां पिछले एक साल में हत्या के 93, लूट के 80, अपहरण के 515, चोरी के 1645, डकैती के 9 और बलात्कार के 247 केस दर्ज किए गए.
इन सब आंकड़ों में बलात्कार के आंकड़े सबसे ज्यादा चौंकाने वाले हैं. सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले रायपुर में हो रहे हैं.
राज्य की राजधानी में अपराधों का बढ़ना पूरे राज्य की एक नकारात्मक तस्वीर पेश करता है.
महिला सुरक्षा से जुड़ा मामला नागरिक समाज के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है.
छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाएं राज्य की भाजपा सरकार के साथ ही प्रेसिडेंट कलर अवॉर्ड से सम्मानित छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन के लिए भी असहज करने वाली स्थिति है.