राघव चड्ढा और सीएम भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति मुर्मू से करेंगे मुलाकात
नई दिल्ली । डेस्क: पंजाब की राजनीति में मचे बड़े उथल-पुथल के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद राघव चड्ढा और मुख्यमंत्री भगवंत मान आगामी 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले हैं. एक ही दिन होने वाली इन दो महत्वपूर्ण मुलाकातों ने राज्य में सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है.
राघव चड्ढा राष्ट्रपति को पंजाब सरकार द्वारा सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और 'पॉलिटिकल वेंडेटा' यानी राजनीतिक प्रतिशोध के पैटर्न के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. भाजपा का आरोप है कि पंजाब सरकार उन सांसदों और नेताओं को जानबूझकर निशाना बना रही है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है.
विवाद की जड़ में पिछले महीने हुआ बड़ा दलबदल है, जिसमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे दिग्गज नेताओं ने 'आप' से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली थी. इनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे प्रमुख चेहरे भी इस बदलाव का हिस्सा रहे.
इस राजनीतिक फेरबदल के तुरंत बाद राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में दो गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की गईं, जिसने आग में घी डालने का काम किया है. भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और पुलिस का राजनीतिकरण बताया है.
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति भवन में अपनी बात रखने की तैयारी में हैं. सीएम मान ने अपनी इस प्रस्तावित मुलाकात को पंजाब की जनता के जनादेश की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया है.
जहां भाजपा, पंजाब सरकार पर 'पुलिस स्टेट' बनाने और असहमति की आवाजों को दबाने का आरोप लगा रही है, वहीं राज्य सरकार इसे कानून सम्मत कार्रवाई बता रही है.
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सवाल उठाया है कि जो नेता 'आप' में रहते हुए बेदाग थे, पाला बदलते ही उन पर मुकदमे कैसे दर्ज हो गए. 5 मई को होने वाली इन मुलाकातों के बाद पंजाब की राजनीति में टकराव और बढ़ने के आसार हैं.