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बातचीत ने यूक्रेन युद्ध पर निर्णय के करीब पहुंचाया- पुतिन

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17 अग. 2025, 05:02 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

पुतिन
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नई दिल्ली । डेस्क: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अलास्का शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ यूक्रेन युद्ध पर हुई "बेहद स्पष्ट और सारगर्भित" बातचीत ने क्रेमलिन को आवश्यक निर्णय लेने के करीब ला दिया है. शनिवार को क्रेमलिन में अपने मंत्रिमंडल और अन्य अधिकारियों को जानकारी देते हुए पुतिन ने कहा, "बातचीत बहुत स्पष्ट और गहन थी, जो मेरे विचार में हमें आवश्यक निर्णयों की ओर बढ़ाती है." क्रेमलिन द्वारा जारी आंशिक प्रतिलेख में यह नहीं बताया गया कि ये निर्णय क्या हैं.


पुतिन ने कहा कि वह ट्रम्प की यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने और सभी मुद्दों को सुलझाने की इच्छा का सम्मान करते हैं. 

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उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से अमेरिकी प्रशासन के उस रुख का सम्मान करते हैं जो युद्ध को जल्द से जल्द रोकना चाहता है. हम भी यही चाहते हैं और सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहेंगे." 


यह ट्रम्प के नए रुख के अनुरूप है, जिसमें वह तत्काल युद्धविराम के बजाय शांति समझौते की वकालत कर रहे हैं.


शुक्रवार को अलास्का जाते समय ट्रम्प ने कहा था कि वह "जल्दी" युद्धविराम चाहते हैं और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह "नाखुश" होंगे. शिखर सम्मेलन के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं को जानकारी देने के बाद, ट्रम्प ने शनिवार सुबह ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यह तय किया गया कि रूस और यूक्रेन के बीच भयावह युद्ध को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका एक शांति समझौता है, न कि केवल युद्धविराम, जो अक्सर टिकता नहीं है."


पुतिन ने कहा कि चार साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात में यूक्रेन पर केंद्रित रहते हुए भी कई पहलुओं पर चर्चा हुई. 


उन्होंने कहा, "हमने लगभग सभी पहलुओं में अपने संबंधों पर चर्चा की, जिसमें निश्चित रूप से यूक्रेन संकट का निष्पक्ष समाधान शामिल था." 


पुतिन की आखिरी बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात 2021 में जो बाइडेन के साथ हुई थी, हालांकि उन्होंने ट्रम्प के पहले कार्यकाल में उनसे कम से कम छह बार मुलाकात की थी.


ट्रम्प ने शिखर सम्मेलन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि समझौते में कुछ बाधाएं हैं, जिनमें से एक "सबसे महत्वपूर्ण" है. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह क्या है, लेकिन रूसी समाचार एजेंसी तास के हवाले से एक विशेषज्ञ ने अनुमान लगाया कि इसमें "यूक्रेन द्वारा क्षेत्रीय रियायतें" शामिल हो सकती हैं.


अलास्का का शिखर सम्मेलन स्थल प्रतीकात्मक था, क्योंकि यह क्षेत्र कभी रूस का हिस्सा था और 1867 में ज़ार अलेक्जेंडर द्वितीय ने इसे 7.2 मिलियन डॉलर में अमेरिका को बेच दिया था. 


शिखर सम्मेलन के बाद ट्रम्प वाशिंगटन लौट गए, जबकि पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए सोवियत सैनिकों की कब्रों का दौरा किया और रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के आर्कबिशप एलेक्सी से मुलाकात की.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP