पोप लियो ने कहा- सत्य को उजागर करना अपराध नहीं
वेटिकन सिटी । डेस्क: वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में आयोजित साप्ताहिक प्रार्थना के दौरान कैथोलिक धर्मगुरु पोप लियो ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुनिया भर के पत्रकारों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया. उन्होंने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि सच्चाई को सामने लाना और पत्रकारिता का धर्म निभाना कभी भी अपराध नहीं माना जा सकता.
पोप ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मीडिया की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए उन पत्रकारों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने युद्ध और संघर्ष के क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सूचना एक सार्वजनिक वस्तु है जिसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, क्योंकि स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज और लोकतंत्र का मुख्य आधार है.
पोप लियो ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि वर्तमान में प्रेस की आजादी का अधिकार गंभीर संकट में है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को कभी खुले तौर पर तो कभी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है.
उनके अनुसार, पत्रकारों को सच्चाई की खोज करने के कारण प्रताड़ित करना या उन्हें जेल में डालना न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उन सभी पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की अपील की, जिन्हें केवल उनका काम करने के लिए अनुचित रूप से हिरासत में लिया गया है या उन पर मुकदमे चलाए जा रहे हैं.
मीडिया की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने वॉटसन इंस्टीट्यूट और रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) जैसे संगठनों के आंकड़ों का उल्लेख किया, जो यह दर्शाते हैं कि पत्रकारिता का पेशा अब पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो चुका है.
विशेष रूप से गाजा जैसे संघर्ष क्षेत्रों में पत्रकारों की बढ़ती मौतों और विश्व स्तर पर प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में आई गिरावट पर चिंता जताते हुए पोप ने अनुयायियों से उन साहसी पत्रकारों के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया जो अपनी जान जोखिम में डालकर सच को जीवित रखते हैं. उनका यह संदेश स्पष्ट था कि सत्य के मार्ग पर चलने वाले मीडियाकर्मियों का दमन लोकतंत्र की नींव को कमजोर करना है.