SIR पर सियासत गर्म: विपक्ष ने उठाए सवाल, भाजपा ने किया स्वागत
नई दिल्ली । डेस्क: चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 12 और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है, में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दूसरे चरण की घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. यह कवायद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शामिल चार राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
विपक्ष ने जताई आपत्ति
ECI की घोषणा पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ECI के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल और मतदाता असंतोष में हैं, तो यह अभ्यास सही नहीं है. खेड़ा ने बिहार SIR का हवाला दिया, जहां उनके अनुसार 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे और एक भी नाम जोड़ा नहीं गया था. उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा क्योंकि EC और भाजपा की नीयत सही नहीं थी."
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि उनकी पार्टी को मतदाता सूची के पुनरीक्षण से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उन्होंने पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के किसी भी प्रयास का विरोध करने की चेतावनी दी है. घोष ने आरोप लगाया, "अगर भाजपा के इशारे पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जाती है, तो हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे." उन्होंने लोगों से शांत रहने और 'भाजपा के जाल में न फंसने' की अपील की, और कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी बंगाल के लोगों के साथ हैं.
भाजपा ने किया समर्थन
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ECI के इस कदम का खुले दिल से स्वागत किया है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ECI ने बहुत अच्छा फैसला लिया है. उन्होंने बिहार में SIR को लेकर हुए हंगामे को अनावश्यक बताया.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने SIR को मतदाता सूची को 'स्वच्छ' (sanitise) करने की एक सराहनीय प्रक्रिया बताया. उन्होंने कहा, "मतदाता सूची को साफ करने, मृतक, प्रवासी मतदाताओं और विदेशी घुसपैठियों के नाम हटाने जैसी प्रक्रिया प्रशंसनीय है." उन्होंने विपक्ष से ECI के अच्छे काम की सराहना करने की अपील की.
पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने TMC पर कटाक्ष करते हुए कहा कि SIR तो होकर रहेगा, और अब देखना है कि जो लोग "बंगाल में उछल-कूद कर रहे थे," वे क्या करेंगे.
ECI का कहना है कि इस कवायद का उद्देश्य सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करना है, लेकिन विपक्ष के विरोध और भाजपा के समर्थन से यह मुद्दा अब एक नए राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है.