पंजाब CM भगवंत मान के जूते की रखवाली करेंगे पुलिसकर्मी?
चंडीगड़ । डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के श्री मुक्तसर साहिब गुरुद्वारे के दौरे से पहले जारी एक कथित पुलिस आदेश ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. वायरल हुए इस निर्देशिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री के जूते की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों, हेड कांस्टेबल रूप सिंह और कांस्टेबल सरबत सिंह को, गुरुद्वारे के 'गेट नंबर 7 पर सादे कपड़ों में ड्यूटी' पर तैनात किया जाएगा.
इस आदेश के सामने आते ही विपक्षी दलों ने आप सरकार पर हमला बोल दिया है. विरोधी दलों ने पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए 'वीआईपी कल्चर' को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री की आलोचना की है.
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कटाक्ष किया, "पंजाब की हालत देखिए. मुख्यमंत्री भी अपने जूतों को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं."
कांग्रेस सांसद परगट सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "अब मुख्यमंत्री के जूतों को भी पुलिस सुरक्षा की जरूरत है? अगर सरकार पंजाब की संस्थाओं और अधिकारों को लेकर इतनी जागरूक होती तो हालात अलग होते."
हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया.
गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में उन्होंने कहा, "क्या विरोधियों के पास पंजाब के लिए कोई रोडमैप है? वे हमारे जूतों को मुद्दा बना रहे हैं. यहां तक कि वे हमारी माताओं-बहनों के कपड़ों पर भी नजर रख रहे हैं." उन्होंने सवाल किया कि क्या ये पंजाब के असली मुद्दे हैं?
यह मामला 'आप' सरकार के 'वीआईपी कल्चर' खत्म करने के वादे और पुलिस के दुरुपयोग के आरोपों के बीच पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर रहा है.