ईसाईयों पर हमले को लेकर पिनाराई विजयन ने कांग्रेस को घेरा
तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को छत्तीसगढ़ और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों में नन और ईसाई समुदाय के सदस्यों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर कांग्रेस पार्टी की गंभीरता पर तीखा हमला बोला. राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए विजयन ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के दोहरे मानकों को उजागर किया.
उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में ननों पर हमले हुए, तो वामपंथी नेताओं ने तुरंत पीड़ितों का समर्थन किया, लेकिन राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने इस मामले में कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं किया.
विजयन ने 2022-23 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या उस समय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ही सरकार नहीं थी, जब संघ परिवार के उकसावे पर हजारों आदिवासी ईसाइयों को क्रिसमस और नए साल के जश्न से दूर खदेड़ दिया गया था?
केरल के मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम का भी मुद्दा उठाया, जिसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया गया है.
उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद इस 'दमनकारी' कानून को रद्द करने में विफल रही, जिसका इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के खिलाफ किया जाता है.
विजयन ने स्पष्ट किया कि वामपंथी दल इस कानून को असंवैधानिक मानते हैं और माकपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में इसे निरस्त करने का वादा किया है. उन्होंने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे अल्पसंख्यकों के प्रति कांग्रेस का "संदिग्ध रुख" करार दिया.