ओडिशा का नबरंगपुर जिला अब नक्सल मुक्त
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के नबरंगपुर जिले को आधिकारिक तौर पर 'नक्सल मुक्त' घोषित कर दिया गया है. यह सफलता पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में नौ सक्रिय माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मिली है.
पुलिस द्वारा शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार, सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में सात महिलाएं शामिल हैं, जिन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था. ये नक्सली नबरंगपुर और छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय थे.
नबरंगपुर जिला अतीत में भीषण नक्सली हिंसा का गवाह रहा है, जिसमें 24 सितंबर 2011 को बीजद विधायक जगबंधु माझी और उनके पीएसओ की हत्या के साथ-साथ 2010 में कुंदेई पुलिस स्टेशन पर हुआ हमला प्रमुख है.
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि 2011 के बाद से जिले में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई थी.
अब इस ताजा सरेंडर के साथ जिले से नक्सली गतिविधियों का पूरी तरह सफाया हो गया है.
केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च तक देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लक्ष्य की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
वर्तमान में ओडिशा के 30 में से केवल सात जिलों कंधमाल, कालाहांडी, बलांगीर, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ और बौद्ध के कुछ हिस्सों में ही माओवादी प्रभाव सीमित रह गया है.