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ओडिशा: BJP नेता पीतांबर पांडा हत्याकांड में पूर्व विधायक और पूर्व मेयर गिरफ्तार

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22 अक्टू. 2025, 01:57 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

गिरफ्तार
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भुवनेश्वर । डेस्क: बरहामपुर शहर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और वकील पीतांबर पांडा की हत्या के एक पखवाड़े बाद, ओडिशा पुलिस ने बुधवार को इस बहुचर्चित मामले का खुलासा करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में पूर्व विधायक और वर्तमान गंजम जिला बिजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष बिक्रम कुमार पांडा और बरहामपुर के पूर्व मेयर शिवशंकर दास शामिल हैं.


बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवना विवेक एम ने बताया कि बिक्रम कुमार पांडा और शिवशंकर दास ने वित्तीय, व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से पीतांबर पांडा को खत्म करने की साजिश रची थी.

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पुलिस के अनुसार, हत्या को अंजाम देने के लिए शिशुपाल कुमार पासवान और कुंदन कुमार को किराए पर लिया गया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक उमा बिसोई ने उन्हें दो बंदूकें और ₹10 लाख दिए थे.


शुरुआत में, हत्या की योजना 14 सितंबर को बनाई गई थी, लेकिन पासवान की गर्भवती पत्नी का गर्भपात होने के कारण इसे टाल दिया गया.


बाद में, दो अन्य हिस्ट्री-शीटर, कुरुपट्टी भुइयां और चिंटू प्रधान, को हत्या के लिए हायर किया गया. उन्हें एक फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक और पिस्तौलें मुहैया कराई गईं और शहर के एक बैचलर्स हॉस्टल में ठहराया गया.


पुलिस ने घटनाक्रम बताते हुए कहा कि 6 अक्टूबर की देर रात 10.01 बजे, जब पांडा ब्रह्म नगर स्थित अपने घर के पास पहुंचे, तो प्रधान बाइक चला रहा था, जबकि भुइयां पीछे बैठा था. यातायात जंक्शन पर पहुंचकर, भुइयां बाइक से उतरा, पांडा को रोका और करीब से गोली मार दी.


गिरफ्तार किए गए लोगों के टेलीफ़ोन कॉल रिकॉर्ड्स (अपराध से पहले और बाद के) को साजिश का प्रथम दृष्टया और निर्णायक प्रमाण माना गया है.


दोस्ती से दुश्मनी

पुलिस ने बताया कि बिक्रम पांडा और पीतांबर पांडा कॉलेज के दिनों से करीबी दोस्त थे. हालांकि, 2018 में, जब तत्कालीन कांग्रेस नेता बिक्रम पांडा ने BJD का दामन थामा, तो उनके संबंधों में दरार आ गई, क्योंकि पीतांबर पांडा इसके विरोधी थे. बिक्रम पांडा और शिवशंकर दास दोनों का पीतांबर पांडा के साथ व्यापारिक हितों, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और व्यक्तिगत स्तर पर दुश्मनी थी, जिसने उन्हें पेशेवर अपराधियों को हायर करके BJP नेता की हत्या करने के लिए प्रेरित किया.


गौरतलब है कि पूर्व मेयर शिवशंकर दास का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, उनके खिलाफ 38 आपराधिक मामले लंबित हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP