आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द किया, ₹1,000 जुर्माना
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली की एक अदालत ने बंग भवन प्रदर्शन मामले में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की संयुक्त सचिव और JNUSU की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को बड़ी राहत दी है. न्यायिक मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौर के समक्ष पेश होने के बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द कर दिया.
हालांकि, सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने के कारण अदालत ने उन पर ₹1,000 का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 21 नवंबर को होगी.
यह मामला साल 2021 का है, जब नागरिकता अधिकार कार्यकर्ता अनीश खान की हत्या के विरोध में दिल्ली स्थित बंग भवन के बाहर तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था.
इस दौरान बाराखम्भा रोड पुलिस स्टेशन में आइशी घोष के खिलाफ सरकारी आदेश की अवहेलना, अनधिकृत प्रवेश (क्रिमिनल ट्रेसपास) और समान मंशा के तहत आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी.
इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने आइशी घोष की ओर से पेश हुई इस दलील पर वारंट पर रोक लगा दी थी कि वे 'अपरिहार्य परिस्थितियों' के कारण पिछली सुनवाई में शामिल नहीं हो सकी थीं.