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निज्जर हत्याकांड: कनाडाई मीडिया के नए खुलासे से भारत-कनाडा तनाव बढ़ा

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02 मार्च 2026, 06:42 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

हरदीप सिंह निज्जर
हरदीप सिंह निज्जर

नई दिल्ली । डेस्क: ओटावा और नई दिल्ली के बीच चल रहा राजनयिक गतिरोध एक बार फिर गहरा गया है. कनाडा के प्रतिष्ठित समाचार पत्र 'द ग्लोब एंड मेल' की एक हालिया रिपोर्ट ने सिख समुदाय और कनाडा के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैंकूवर में तैनात भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में शामिल थे. 


रिपोर्ट के अनुसार, कथित रूप से भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) से जुड़े एक वीजा अधिकारी ने निज्जर की गतिविधियों और स्थान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई थी, जिसे बाद में नई दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजा गया. आरोप है कि इस जानकारी का उपयोग कुख्यात बिश्नोई गिरोह के माध्यम से हत्या को अंजाम देने के लिए किया गया था.

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इन खुलासों के बाद वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा (WSO) ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है. संगठन ने इसे कनाडा की संप्रभुता और कनाडा के सिख नागरिकों की सुरक्षा पर एक "गंभीर हमला" करार दिया है. WSO ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मांग की है कि इस मामले की जांच केवल उन हमलावरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए जिन्होंने गोलियां चलाईं, बल्कि उन मास्टरमाइंडों और सरकारी अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए जिन्होंने इस पूरी साजिश का निर्देशन किया. 


उल्लेखनीय है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत की अपनी यात्रा समाप्त कर रहे थे. कार्नी की इस यात्रा का उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना था, लेकिन कनाडा के भीतर उन्हें इस बात के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि उन्होंने व्यापार के लिए मानवाधिकारों और सुरक्षा के मुद्दों को दरकिनार कर दिया.


भारत सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव पेरियासामी कुमारन ने स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंसा या संगठित अपराध में शामिल होने के आरोपों को पूरी तरह से नकारता है. 


उन्होंने इन दावों को "निराधार, राजनीति से प्रेरित और बिना किसी विश्वसनीय सबूत के" बताया. भारत का कहना है कि कनाडा बार-बार आरोप लगा रहा है लेकिन ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा है. साथ ही, नई दिल्ली ने कनाडा पर खालिस्तानी अलगाववादियों को पनाह देने और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उदासीन रहने का आरोप भी लगाया है.


इस बीच, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने 'द ग्लोब एंड मेल' की रिपोर्ट पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला अभी जांच के अधीन है, इसलिए इस पर कुछ भी कहना गैर-जिम्मेदाराना होगा. 


हालांकि, उन्होंने यह जरूर दोहराया कि कनाडा सरकार विदेशी हस्तक्षेप और अंतरराष्ट्रीय दमन के खिलाफ सख्त कानून बना रही है और बिश्नोई गिरोह जैसे समूहों को पहले ही आतंकवादी सूची में डाल दिया गया है. 


रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने भी पहले ही संकेत दिए थे कि वे कनाडा में जबरन वसूली और हत्याओं जैसी आपराधिक गतिविधियों में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता की जांच कर रहे हैं. जून 2023 में सरे के एक गुरुद्वारे के बाहर हुई निज्जर की हत्या के बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में जो कड़वाहट आई थी, वह इस नई रिपोर्ट के बाद और भी गंभीर मोड़ लेती दिख रही है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP