एयरपोर्ट पर निकोटीन पाउच: अब कस्टम विभाग ने खोला मोर्चा
नई दिल्ली । डेस्क: निकोटीन पाउच की बिक्री को लेकर देश के स्वास्थ्य मंत्रालय और दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप के बीच छिड़ी कानूनी जंग में एक नया मोड़ आ गया है. इस विवाद में अब भारत के सीमा शुल्क (कस्टम्स) अधिकारी भी स्वास्थ्य मंत्रालय के समर्थन में उतर आए हैं.
सीमा शुल्क विभाग ने मुंबई उच्च न्यायालय (बॉम्बे हाई कोर्ट) में दाखिल एक हलफनामे में साफ किया है कि हवाई अड्डों पर स्थित ड्यूटी-फ्री दुकानों को मिलने वाले कर लाभ का मतलब यह कतई नहीं है कि वे देश के अन्य घरेलू नियमों और नियामक नियंत्रणों से पूरी तरह मुक्त हैं.
यह पूरा विवाद इस साल मार्च में शुरू हुआ था, जब स्वास्थ्य अधिकारियों ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का औचक निरीक्षण किया था. इस जांच के दौरान हवाई अड्डे की ड्यूटी-फ्री दुकानों पर निकोटीन पाउच की बिक्री को नियमों के खिलाफ पाया गया था. स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले को अडानी ग्रुप ने अदालत में चुनौती दी है, जिस पर अब सीमा शुल्क विभाग ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है.
अडानी ग्रुप का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान (डिपार्चर) क्षेत्र में स्थित दुकानें घरेलू नियमों के दायरे से बाहर होती हैं. कंपनी ने कोर्ट में यह भी दलील दी है कि सीमा शुल्क विभाग ने उन्हें बिना कोई पूर्व चेतावनी या कारण बताओ नोटिस जारी किए अचानक बिक्री रोकने को कह दिया, जो कानूनी रूप से सही नहीं है.
इसके अलावा, ग्रुप का कहना है कि ड्यूटी-फ्री दुकानों से जाने वाले यात्रियों को सामान सीलबंद बैग में दिया जाता है, जिसे भारत से बाहर जाने के बाद ही खोला जाना होता है, इसलिए यह घरेलू उपभोग के दायरे में नहीं आता.
दूसरी ओर, सीमा शुल्क अधिकारियों ने अडानी ग्रुप की इस व्याख्या को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे 'अमान्य' करार दिया है. विभाग का कहना है कि यह दलील तार्किक नहीं है क्योंकि सामान हाथ में आने के बाद यात्री भारत की सीमा के भीतर भी इसका इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र होते हैं. टैक्स के उद्देश्य से किसी क्षेत्र को 'कस्टम्स फ्रंटियर से बाहर' मानने का यह मतलब नहीं है कि वहां देश के स्वास्थ्य और सुरक्षा नियम लागू नहीं होंगे.
गौरतलब है कि निकोटीन पाउच इस समय दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन भारत में इन्हें बेचने के लिए आवश्यक मंजूरी अभी तक नहीं मिली है. अडानी ग्रुप भारत में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है और ड्यूटी-फ्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े विस्तार की योजना पर काम कर रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अगस्त से अब तक अडानी की फर्म ने स्वीडिश स्मोकलेस सॉल्यूशंस से लगभग 35,000 डॉलर से अधिक मूल्य के ज़िन (Zyn) और व्हाइट फॉक्स (White Fox) जैसे प्रमुख ब्रांड्स के निकोटीन पाउच का आयात किया है. फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलों के बीच यह मामला अदालत के विचाराधीन है.