नीदरलैंड में पीएम मोदी ने भारत को "अवसरों की भूमि" बताया
हेग । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत को "अवसरों की भूमि" बताया है. पांच देशों के अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे चरण में शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात से नीदरलैंड्स पहुंचे पीएम मोदी ने शनिवार को प्रवासी भारतीयों के बीच एक बेहद प्रभावशाली और ऊर्जावान भाषण दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज का भारत एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और देश की आकांक्षाएं अब अपनी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं.
अपने लगभग 40 मिनट से अधिक लंबे संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों दोनों से संचालित है. भारत जितना आधुनिक हो रहा है, उतना ही वह अपनी प्राचीन जड़ों से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने प्रवासी भारतीयों और नीदरलैंड्स के नागरिकों से भारत की इस विकास यात्रा में शामिल होने और अपने पैतृक गांवों से जुड़ने का आह्वान किया.
पीएम मोदी ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत के साथ सहयोग बढ़ाने से निवेश पर मिलने वाला रिटर्न और अधिक होगा, और उन्होंने इसे 'मोदी की गारंटी' के रूप में पेश किया, जिसे सुनकर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के बड़े सपनों और उनके आसमान छूने के इरादों की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि इसी मजबूत इच्छाशक्ति के कारण आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. साल 2014 का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तब देश में केवल चार यूनिकॉर्न थे, जबकि आज भारत में लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न मौजूद हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रक्षा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतरीन काम कर रहे हैं.
भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश अब केवल बदलाव नहीं, बल्कि सबसे तेज और सर्वश्रेष्ठ परिणाम चाहता है. यही वजह है कि भारत अब ओलंपिक की मेजबानी करने, एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने और पर्यावरण के अनुकूल हरित ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
हाल ही में भारत द्वारा आयोजित किए गए भव्य वैश्विक आयोजनों का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सफल एआई शिखर सम्मेलन और उससे पहले जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. उन्होंने इसे आज के नए भारत का स्थायी चरित्र बताया.
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता का गर्व से उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे साल 2023 में चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा के उस सुदूर और अनदेखे हिस्से पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी, जहां पहले कोई भी देश नहीं पहुंच सका था.
प्रधानमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र की ताकत और हाल ही में संपन्न हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में नागरिकों की भारी भागीदारी पर भी बात की. उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे क्षेत्रों का नाम लेते हुए कहा कि इन चुनावों में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान दर्ज किया गया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रही.
भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए उन्होंने विपक्ष पर चुटकी भी ली और पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय दुकान पर झालमुड़ी खाने के अपने अनुभव को याद करते हुए दर्शकों से पूछा कि क्या यह लोकप्रिय स्नैक हेग में भी मिलता है.
वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि कोविड महामारी, अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और पश्चिम एशिया के संकट के कारण यह दशक दुनिया के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि यदि इन विपरीत परिस्थितियों को तेजी से नहीं सुधारा गया, तो पिछले कई दशकों की वैश्विक उपलब्धियां मिट सकती हैं और दुनिया की एक बड़ी आबादी दोबारा गरीबी के जाल में फंस सकती है.
ऐसी स्थिति में भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक सुरक्षित, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन के निर्माण पर काम कर रहे हैं. दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा, जल सुरक्षा और विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं. भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूती देगा.
प्रधानमंत्री ने बेहद खूबसूरती से दोनों देशों की तुलना करते हुए कहा कि अगर नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए जाना जाता है, तो भारत कमल के लिए प्रसिद्ध है. ये दोनों फूल हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या जमीन पर, सही पोषण मिलने पर वे सुंदरता और ताकत दोनों हासिल करते हैं.
उन्होंने डच क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों जैसे तेजा निदामानुरु, विक्रमजीत सिंह और आर्यन दत्त के योगदान की भी सराहना की. संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि जब वे कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कर रहे थे, तो महाराष्ट्र, राजस्थान और असम की सांस्कृतिक झलक देखकर उन्हें लगा ही नहीं कि वे विदेश में हैं.
उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार विदेशों में रहने वाले हर भारतीय के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. नीदरलैंड्स के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी पांच देशों की इस यात्रा के अगले चरणों में स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे. File Photo