नेपाल SC: ओली और लेखक की जांच 9 अप्रैल तक पूरी करें या रिहा करें
काठमांडू । डेस्क: नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के खिलाफ चल रही जांच को गुरुवार, 9 अप्रैल तक हर हाल में पूरा किया जाए. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इस समय सीमा तक जांच पूरी नहीं होती है या मुकदमा चलाने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो दोनों नेताओं को हिरासत से रिहा करना होगा.
न्यायाधीश विनोद शर्मा और सुनील कुमार पोखरेल की खंडपीठ ने इन नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिकाओं को खारिज कर दिया, लेकिन जांच के लिए एक अंतिम समय सीमा तय कर दी.
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रशासन राष्ट्रीय दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार या तो कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाए या हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें मुक्त करे.
बता दें कि ओली और लेखक को 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. उन पर पिछले साल 8 सितंबर को हुए 'जेन जेड' विरोध प्रदर्शनों के दौरान घातक बल प्रयोग करने का आरोप है, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई थी.
गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले जांच आयोग की सिफारिशों के बाद यह कार्रवाई की गई है.
आयोग ने ओली, लेखक और तत्कालीन आईजीपी चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के लिए राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत मामला चलाने का सुझाव दिया है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है.
फिलहाल जिला अदालत द्वारा दी गई रिमांड की अवधि 8 अप्रैल को समाप्त हो रही है, जिसके बाद अब सर्वोच्च न्यायालय ने 9 अप्रैल की अंतिम डेडलाइन निर्धारित कर दी है.