नेपाल: जेन जेड विद्रोह पर जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई
काठमांडू । डेस्क: पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले आयोग ने दो दिवसीय 'जेन जेड विद्रोह' पर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है, जिसने नेपाल के राजनीतिक और सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है. इस रिपोर्ट में भारी लापरवाही और सुरक्षा चूक का हवाला देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, गृह मंत्री रमेश लेख़क और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने की कड़ी सिफारिश की गई है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चार घंटे से अधिक समय तक लगातार गोलीबारी होने के बावजूद इसे रोकने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया, जो गंभीर कर्तव्यहीनता को दर्शाता है. जांच रिपोर्ट में शासन और सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई के लिए निम्नलिखित 10 प्रमुख बिंदु रखे गए हैं:
1- आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, गृह मंत्री रमेश लेख़क और तत्कालीन आईजीपी चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ राष्ट्रीय दंड संहिता, 2017 की धारा 181 (लापरवाही) और 182 (असावधानी) के तहत आपराधिक जांच की सिफारिश की है, क्योंकि गोलीबारी रोकने में कोई तत्परता नहीं दिखाई गई.
2- तत्कालीन गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवाडी, सशस्त्र पुलिस बल (APF) के आईजीपी राजू अर्याल, राष्ट्रीय जांच विभाग के प्रमुख हुतराज थापा और काठमांडू के मुख्य जिला अधिकारी छबिलाल रिजाल के खिलाफ भी लापरवाही के लिए धारा 182 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
3- नेपाल पुलिस के पांच अधिकारियों एआईजी सिद्ध विक्रम शाह, डीआईजी ओम बहादुर राणा, एसएसपी विश्व अधिकारी, एसएसपी दीप शमशेर और इंस्पेक्टर ऋषिराम कंदेल के खिलाफ पुलिस अधिनियम और नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई का सुझाव दिया गया है.
4- वर्तमान पुलिस प्रमुख दान बहादुर कार्की के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है; उन पर आरोप है कि काठमांडू घाटी पुलिस प्रमुख के रूप में सेवा देते समय उन्होंने 24 भदौ को हथियारों और पुलिस कार्यालयों की सुरक्षा में कोताही बरती.
5- सशस्त्र पुलिस बल के तीन अधिकारियों ऑपरेशन कमांडर नारायण दत्त पौडेल, ब्रिगेड कमांडर सुरेश कुमार श्रेष्ठ और एसपी जीवन केसी के खिलाफ सशस्त्र पुलिस बल अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
6- सुरक्षा चूक के लिए नेपाली सेना के चार कमांडरों मनोज बैदवार, दिवाकर खड़का, गणेश खड़का और संतोष ढुंगेल के खिलाफ सैन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जो शीतल निवास और सिंह दरबार जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार थे.
7- 'टीओबी (TOB) समूह' के उन संदिग्धों के खिलाफ आपराधिक जांच और कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिन्होंने 9 सितंबर को मोटरसाइकिल पर आकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया और हिंसा भड़काई.
8- 24 भदौ को हुई व्यापक आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ की गहन जांच का सुझाव दिया गया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के आवास से बरामद नकदी की जांच और सीसीटीवी व डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग शामिल है.
9- राष्ट्रीय जांच विभाग के दो अधिकारियों उप निदेशक कृष्ण प्रसाद खनाल और काठमांडू जिला प्रमुख रिबेन कुमार गच्छदार के खिलाफ समय पर सूचना प्रदान न करने के कारण विशेष सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
10- आयोग ने उन छह पुलिस अधिकारियों और दो नागरिकों को पुरस्कृत करने की सिफारिश की है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा की, साथ ही गोलीबारी में घायल होने के बावजूद एमबीबीएस (MBBS) परीक्षा पास करने वाली छात्रा एकता शाह को छात्रवृत्ति देने का सुझाव दिया है.