बिहार चुनाव: मात्र 26 सेकंड में NDA का घोषणापत्र लॉन्च !
पटना । डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घोषणापत्र का विमोचन एक अभूतपूर्व घटना के रूप में चर्चा में आ गया है. इसका कारण है कि गठबंधन के दिग्गज नेताओं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा शामिल थे, ने महज 26 सेकंड में इस कार्यक्रम को निपटा दिया. घोषणापत्र में 1 करोड़ नौकरियों के प्रमुख वादे से कहीं ज़्यादा इसकी संक्षिप्त अवधि ने सबका ध्यान खींचा.
पटना के एक भव्य होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार, जे.पी. नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केवल घोषणापत्र की प्रतियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और बिना कुछ कहे चले गए. भाजपा के मीडिया विभाग ने इस जल्दबाजी के लिए नेताओं के व्यस्त चुनावी अभियान को जिम्मेदार ठहराया.
हालांकि, उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने 39 पन्नों के घोषणापत्र की मुख्य बातों पर पत्रकारों को ब्रीफ किया, लेकिन विपक्ष ने इस अवसर को ऑप्टिक्स पर हमला करने के लिए तुरंत लपक लिया.
कांग्रेस मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने सहयोगी को ‘चुप करा दिया’ है. उन्होंने सवाल किया, "नीतीश जी को क्यों नहीं बोलने दिया गया? वे उनका नाम लेने में भी क्यों हिचकिचा रहे हैं? अगर वे उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पेश नहीं करना चाहते हैं, तो उन्हें खुलकर कहना चाहिए."
खेड़ा ने इसे "20 साल के मौजूदा मुख्यमंत्री को इस तरह चुप कराना शर्मनाक" बताया.
विपक्ष ने बार-बार भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह नीतीश कुमार को सिर्फ वोट जीतने के लिए एक ‘मुखौटा’ के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, और चुनाव परिणामों के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की योजना बना रही है.
महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने NDA पर तंज कसते हुए कहा: “इतिहास में पहली बार, एक गठबंधन का घोषणापत्र सिर्फ 26 सेकंड में जारी हुआ. NDA को संकल्प पत्र नहीं, ‘सॉरी’ पत्र लाना चाहिए!”
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी विमोचन की जल्दबाजी की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं बताया. उन्होंने नीतीश कुमार के अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाया: "अगर वह चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं, तो उन्होंने स्वयं घोषणापत्र क्यों नहीं जारी किया? क्या वह ऐसा करने की स्थिति में नहीं थे?" यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों की ओर इशारा करती है.
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