जबलपुर क्रूज कांड में मृतकों की संख्या पहुंची 9
जबलपुर | संवाददाता: मध्यप्रदेश के जबलपुर में डूबने वाले क्रूज में मृतकों की संख्या बढ़ कर 9 हो चुकी है. पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया है.
गौरतलब है कि बरगी डैम में गुरुवार शाम अचानक मौसम बिगड़ने के दौरान पर्यटकों से भरा एक क्रूज नाव हादसे का शिकार हो गया. तेज आंधी और बारिश के बीच क्रूज संतुलन खो बैठा और कुछ ही पलों में पानी में समा गया.
अब तक इस हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 से 10 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. राहत की बात यह रही कि शुरुआती बचाव कार्य में करीब 15 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है.
घटना के समय क्रूज में मध्यप्रदेश टूरिज्म के तहत घूमने आए करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे. बताया जा रहा है कि यह हादसा डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर अंदर हुआ, जहां अचानक तेज हवाओं का दबाव इतना बढ़ गया कि क्रूज अनियंत्रित हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौसम कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बदल गया, पहले तेज हवा चली, फिर बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते क्रूज डगमगाने लगा.
गुरुवार देर शाम से ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था, जो देर रात तक चलता रहा. इस दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और 4 से 5 शव भी बरामद किए गए. शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया गया, जिसमें एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई.
फिलहाल NDRF और SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. गोताखोरों की मदद से डैम के गहरे पानी में फंसे लोगों और क्रूज तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
प्रशासन का अनुमान है कि क्रूज के अंदर अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं और 8 से 10 और शव मिलने की आशंका जताई जा रही है. यही वजह है कि राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई गई है.
क्रूज को बाहर निकालना भी चुनौती बना हुआ है. पहले इसे रस्सियों के सहारे किनारे खींचने की कोशिश की गई, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी. अब भारी मशीनों, जैसे पोकलेन और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि उसके भीतर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके.
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान जल पर्यटन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बदलते मौसम, खासकर तेज आंधी और तूफान के समय, इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक या कड़ी निगरानी जरूरी है.
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढना और क्रूज को बाहर निकालना है. जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता है.